रायपुर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोधन न्याय योजना की शुरूआत की गई है, जो ग्रामीणों के लिए आजीविका का साधन बन गया है। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम मुंगवाल के रति राम कुमेटी के पास एक भी पालतू मवेशी नहीं  है, उसके बाद भी वे 70 से 80 किलोग्राम गोबर का विक्रय प्रतिदिन गौठान में कर रहा है।

कांकेर जिले के प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन और कलेक्टर श्री के.एल. चौहान मुंगवाल के गौठान का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे उस समय रति राम कुमेटी द्वारा 86 किलो गोबर का विक्रय गौठान समिति को किया जा रहा था, पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके घर में एक भी मवेशी नहीं है, लेकिन खेती किसानी से फुर्सत के क्षणों में सुबह-शाम घूम-घूमकर गोबर इक_ा करते हैं और उसे गौठान समिति को बेच देते हैं। रति राम ने बताया कि उनके द्वारा हर रोज लगभग 70 से 80 किलो गोबर का विक्रय गौठान समिति को किया जा रहा है। जिले के प्रभारी सचिव श्री देवांगन और कलेक्टर श्री चौहान ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके इस कार्य की सराहना किया। उनके द्वारा पूछे जाने पर रति राम ने बताया कि उनकी तीन एकड़ की खेती है जिसमें धान की फसल ली गई है परन्तु पशुधन नहीं है।