नई दिल्ली 
 
पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में खूनी झड़प करने वाले चीन पर मोदी सरकार ने जबरदस्त एक्शन किया है. केंद्र सरकार ने 59 चाइनीज ऐप पर बैन लगाने का फैसला लिया है. बैन किए गए ऐप में मशहूर टिक-टॉक ऐप भी शामिल है. यह पहला मौका नहीं है, जब भारत ने चीन को झटका दिया है. इससे पहले हजारों करोड़ों के टेंडर निरस्त किए जा चुके हैं.

गलवान में हमले के बाद देश में लगातार चीन के सामान के बहिष्कार की मुहिम तेज हो रही है. फिल्म स्टार से लेकर नेता तक चीन के सामान को इस्तेमाल ना करने की अपील कर रहे है. हिंदुस्तान ने चीन के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ दिया है. जानिए केंद्र और राज्य की सरकारें चीन को कहां-कहां और किस मोर्चे पर सबक सिखा रही हैं.

बैन के बावजूद अब तक पर क्यों दिख रहे हैं ये चाइनीज ऐप्स?

1. MTNL और BSNL 4जी नेटवर्क के लिए चीनी कलपुर्जे का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया.

2. रेलवे ने 471 करोड़ रुपये का सिगनलिंग प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है.

3. MMRDA ने मोनोरेल से जुड़ी चीन की 2 कंपनियों का टेंडर रद्द कर दिया.

4. MMRDA ने 10 मोनोरेल रैक्स बनाने की बोली भी रद्द कर दी.

5. मेरठ रैपिड रेल का टेंडर चीनी कंपनी के पास था, इसे भी रद्द कर दिया गया.

6. महाराष्ट्र सरकार ने तलेगांव में ग्रेट वॉल का टेंडर रद्द कर दिया.


चीन पर डिजिटल स्ट्राइक, टिक टॉक सहित 59 चायनीज ऐप मोदी सरकार ने बैन किए

7. महाराष्ट्र सरकार ने PMI इलेक्ट्रो मोबिलिटी और हेंगली इंग का टेंडर भी रद्द कर दिया.

8. हरियाणा सरकार ने चीनी कंपनियों का 780 करोड़ रुपए का ऑर्डर रद्द कर दिया.

9. हरियाणा सरकार ने हिसार और यमुनानगर में चीनी कंपनियों के टेंडर रद्द किए.

10. यूपी सरकार ने तय किया है कि एनर्जी सेक्टर में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होगा.

11. यूपी सरकार ने तय किया है कि सूबे में चीनी बिजली मीटर का उपयोग नहीं किया जाएगा.

12. दिल्ली होटल एसोसिएशन ने तय किया है कि होटलों में चीनी नागरिकों को कमरा किराए पर नहीं दिया जाएगा. साथ ही बोधगया होटल एसोसिएशन ने भी चीनी पर्यटकों का बहिष्कार किया है.

भारत में भी चीनी सामानों का बहिष्कार असर दिखा रहा है. चीन से आने वाले माल की बड़ी-बड़ी खेप बंदरगाहों पर आकर पड़ी है. 22 जून के बाद से चीन से आए सामान को कोई लेने वाला नहीं है. सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन कारोबार से जुड़े लोग कहते हैं कि संकेत साफ है. चीन में बने सामानों की डिलीवरी अभी नहीं करनी है.

इन सबके बीच मोदी सरकार ने चीन को एक और तगड़ा झटका दिया. 59 चीनी ऐप को बैन कर दिया गया है. ये कदम आईटी एक्ट 2000 के मुताबिक उठाया गया है. इनमें से कई एप पर भारतीयों का डेटा चोरी करने का आरोप लग रहा था. चीन को हर मोर्चे पर जैसे को तैसा का जवाब दिया जाएगा.

देश के दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार के फैसले पर ट्वीट किया और कहा, 'भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के साथ ही भारत के लोगों के डेटा को सुरक्षित रखने और प्राइवेसी के लिए सरकार ने 59 मोबाइल एप को बैन किया है. जय हिंद!'