शिवपुरी
कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी द्वारा विधानसभा के कोलारस और बदरवास में चना गेहूं खरीदने के लिए 70 के करीब केंद्र बनाए गए थे जहां इन केंद्रों पर किसानों के साथ जमकर भ्रष्टाचार किया गया गेहूं से लेकर चने बेचने आए किसानों को 7 से लेकर 8 दिनों तक खरीदी केंद्रों पर रुकना पड़ा इसके बावजूद भी वहां तैनात सर्वेयारों ने किसानों से अवैध वसूली कर उनकी उपज की तौल कराई। इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद विधायक रघुवंशी ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विधानसभा में चना खरीदी के मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत कर प्रदेश स्तरीय जांच की मांग की जिस पर विधायक रघुवंशी के प्रयासों से प्रदेश अधिकारियों का एक दल गठित जांच हेतु किया गया और कोलारस मंडी पहुंचा, इसके बाद दल ने मौके पर जाकर खराब पड़े चने को देखा और इसके बाद कोलारस रेस्ट हाउस पहुंचकर किसानों से शिकायतें सुनी और मौके पर ही पंचनामा बनवा कर किसानों के हस्ताक्षर कराएं।

बशासकीय खरीदी केंद्रों पर चना गेहूं खरीदी में कितने बड़े पैमाने पर मनमानी भ्रष्टाचार किया गया है क्षेत्र के किसानों से श्रीजी वेयरहाउस पर चना बेचने आए किसानों से वहां पर तैनात प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा चना तोलने के एवज में रुपए खुलेआम किसानों से मांगे गए हैं नहीं देने पर किसानों को वापस चना ले जाने की तक की बात कही है समितियों द्वारा खरीदे गए चने को कोलारस कृषि उपज मंडी प्रांगण में खुले में रखा गया जिससे बारिश होने पर चला भी गया और अंकुरित हो गया इसमें मंडी प्रशासन से लेकर समिति के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है।

यहां श्री जी वेयर हाउस की निकली जांच दल में महेंद्र दीक्षित सतीश त्रिपाठी, एच एच बघेला,एन ए कवाली सहित कोलारस एसडीएम मनोज गंगवाल कोलारस रेस्ट हाउस में बैठकर किसानों की शिकायतें गंभीरता से सुन रहे थे, जांच दल के साथ कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी भी मौजूद रहे कुल मिलाकर चना खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है और क्षेत्र के अन्नदाता उसे जमकर रुपए वसूले गए।

कोलारस कृषि उपज मंडी प्रांगण में रखा हुआ 11250 कुंटल चना बारिश से भीग गया था जिसको मीडिया द्वारा लगातार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जा रहा था तब  कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने मौके पर जाकर चना देखा और कृषि मंत्री से बात की इसके बाद बीते रोज सोमवार को भोपाल से जांच करने के लिए दल आया जाट दल के आने के 1 दिन पहले ही समिति के कर्ताधर्ता ओं को भनक लग गई और उन्होंने उक्त मामले में भोपाल से जांच दल के आने के डर से आनन-फानन में समिति प्रबंधक शिशिर जादौन एवं उप अधीक्षक सहकारिता शिवपुरी हर्षवर्धन पर कोलारस थाने में एफ आई आर दर्ज करवा दी।