नई दिल्ली 

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच कुछ असामाजिक तत्व इस बीमारी पर अफवाह भी फैला रहे हैं. सोशल मीडिया को अफवाहों का जरिया बनाया जा रहा है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों ने लोगों से अफवाहों पर गौर न करने की अपील की है. दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने फेक न्यूज नाम से एक वेरिफिकेशन मॉड्यूल बनाया है ताकि अफवाहों पर विराम लगाया जा सके.
 
दिल्ली पुलिस ने अपनी वेबसाइट delhipolice.nic.in पर इस मॉड्यूल को जोड़ा है जहां कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की अफवाह की सच्चाई के बारे में जान सकता है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति फर्जी खबरों की सच्चाई जांच सकता है और सही या गलत जानने के लिए खबर का कंटेंट अपलोड कर सकता है. दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन से जुड़ी किसी भी समस्या से निजात पाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 23469526 जारी किया है जिस पर चौबीसों घंटे मदद ली जा सकती है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि हेल्पलाइन पर अब तक कुल 13119 कॉल्स मिल चुकी हैं. इनमें से कुछ कॉल दिल्ली से बाहर की भी हैं.


उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को एक ट्वीट जारी कर बताया कि सोशल मीडिया पर पीपीई किट को लेकर कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं जो कि पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक फर्जी पत्र भी जारी किया जिसे सोशल मीडिया पर 4 अप्रैल की तारीख में डाला गया है. इस पत्र में पीपीई और अन्य प्रोटेक्शन किट के बारे में जानकारी दी गई है जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है.
 
इसी के साथ केंद्र सरकार के प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने भी एक फर्जी पत्र का हवाला दिया जिसमें एक एडवाइजरी की बात कही गई है. पीआईबी फैक्ट चेक के टि्वटर हैंडल से कहा गया है कि एक फर्जी मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस पर मजाक पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया के एडमिन और ग्रुप मेंबर्स पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पत्र में यह भी कहा गया है कि कोई भी ऐसा करता पाया जाएगा तो सोशल मीडिया के उस ग्रुप को 2 दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा. पीआईबी की ओर से कहा गया है कि यह पूरी तरह गलत है और सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.