हैदराबाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना के साथ जंग में सभी को साथ लेने के लिए कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से 8 अप्रैल को बात करने वाले हैं। अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी को इस मीटिंग में ना बुलाना, हैदराबाद और औरंगाबाद के लोगों का अपमान है। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का तर्क है कि एआईएमआईएम इन दो लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती है, ऐसे में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली मीटिंग का न्योता ना मिलना अपमानजनक है।

प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करके एक ट्वीट में असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल दागे हैं। ओवैसी ने लिखा, 'यह औरंगाबाद और हैदराबाद के लोगों की तौहीन है। क्या वे कमतर इंसान हैं क्योंकि उन्होंने एआईएमआईएम को चुना? कृपया इसके बारे में स्पष्ट करें कि वे आपके ध्यानाकर्षण के काबिल क्यों नहीं हैं? सांसद के तौर पर हमारा काम है कि हम आपके सामने हमारे लोगों की आर्थिक और मानवीय समस्याओं को रखें।'

'लोगों ने हमें चुना लेकिन हमें विचार रखने का मौका नहीं मिल रहा'
एक और ट्वीट में ओवैसी लिखते हैं, 'हैदराबाद और औरंगाबाद के लोगों ने मुझे और इम्तियाज जलील को चुना कि हम उनके मुद्दों को उठाएंगे। अब हमें इसी काम से रोका जा रहा है। हैदराबाद में कोरोना के कुल 93 ऐक्टिव केस हैं, मैं इस बारे में अपने विचार रखना चाहता हूं कि हम इस महामारी से कैसे लड़ सकते हैं और किन क्षेत्रों में हम कमजोर पड़ रहे हैं।'

दरअसल, कोरोना के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग-अलग पार्टियों के संसदीय प्रतिनिधियों और नेताओं से 8 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि जिन पार्टियों के दोनों सदनों को मिलाकर कम से कम पांच सांसद हैं, उनके नेताओं से पीएम मोदी बुधवार को 11 बजे बातचीत करेंगे।