मैड्रिड  

स्पेन और इटली में कोरोना वायरस के कहर की जो मार्मिक कहानियां दुनिया के सामने आ रही हैं वो इंसान को झकझोर देने के लिए काफी है. इन दोनों देशों में अब कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर और नर्स इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. इटली में गाउन, ग्लव्स, मास्क की घोर किल्लत है. डॉक्टर सरकार को चिट्ठी लिख रहे हैं और विनती कर रहे हैं कि हमें इस तरह मत छोड़ दें. हमें संसाधन चाहिए.
जिस स्पेन को अपने यूनिवर्सल हेल्थ केयर पर गुमान था अब उस मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं. आप ये जानकर हैरान हो सकते हैं कि यहां पर जिम और टेंट में कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

खांसी की जानी-पहचानी और मनहूस आवाज

स्पेन से समाचार एजेंसी एपी ने यहां के अस्पतालों से मानवीय त्रासदी का दारुण चित्रण किया है. स्पेन की 32 साल की नर्स उस डरावनी खांसी को अब ठीक से पहचान चुकी है, जिसकी आवाज ही एक मनहूसियत का संकेत बन चुकी है. मैड्रिड इमरजेंसी में काम करने वाली पैट्रिसिया न्यूनेज कहती है कि इस आवाज को हम अस्पताल में सुनते सुनते तंग आ चुके हैं, ये खांसी ही ये बताने के लिए काफी है कि आप कोरोना से ग्रस्त हो गए हैं.

पैट्रिसिया भी एक दिन खांसने लगी और वही हुआ जिसका डर था. आखिरकर वो भी कोरोना पॉजिटिव टेस्ट हुई. अपने घर से वीडियो कॉल से बात करते हुए उन्होंने एपी को बताया कि वह जल्द ठीक होना चाहती है, ताकि वो एक फिर से अस्पताल जाए और काम के बोझ से त्रस्त हो चुके अपने साथियों की मदद कर सके. उन्होंने कहा, "सबसे खराब बात ये है कि आपको घर में रहना है, जबकि आपको पता है कि इस वक्त अस्पताल में आपकी सख्त जरूरत है."

बरामदे में मरीज, फर्श पर लेटे पेशेंट

स्पेन की राजधानी मैड्रिड की अस्पतालों से आई तस्वीरें ये बयां करने के लिए काफी है कि कोरोना मरीजों के भार से अस्पताल कराह रहे हैं. संसाधन चरमरा चुके हैं. मैड्रिड के दो अस्पतालों में कोरोना के मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर से अटके और टिके देखे जा सकते हैं. अस्पताल के बरामदे में पेशेंट पड़े हैं, तो इमरजेंसी रूम में मरीजों की लाइन लगी हुई है. स्पेन के अस्पताल 12 डे ऑक्टूबर यूनिवर्सिटी में हाल के दिनों में मरीजों के फर्श पर लेटे देखा जा सकता है.
 

14 में से 11 मंजिलों में कोरोना के मरीज

बुधवार को स्पेन के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि देश भर में लगभग 6500 मेडिकल स्टाफ इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं. एपी की खबर के मुताबिक कम से कम तीन हेल्थ वर्करों की इस बीमारी की वजह से मौत हुई है. मैड्रिड के अस्पताल डे ले पाज की नर्स लिडिया परेरा कहती हैं कि हमलोग क्षत-विक्षत हो रहे हैं, हमें और स्वास्थ्यकर्मी चाहिए. इस अस्पताल में 1000 बेड हैं. 14 मंजिला इस अस्पताल में अब 11 मंजिलों में कोरोना के मरीज हैं, लेकिन अभी पर्याप्त जगह नहीं है. लोग आते जा रहे हैं.

विकसित देश में जिम और टेंट में इलाज

कोरोना के वैसे रोगी जो थोड़े कम गंभीर हैं उन्हें बेड की किल्लत की वजह से अस्पताल के जिम में रखा गया है. या फिर बाहर एक बड़ा टेंट लगाया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है. सुनने में ये तो थर्ड वर्ल्ड की लचर स्वास्थ्य सुविधाओं का वर्णन लगता है, लेकिन यूरोप का एक शक्तिशाली देश अब कोरोना के सामने इस कदर लाचार हो गया है.

इस बात से खुद परेरा भी इत्तेफाक रखती हैं. उन्होंने कहा कि अगर आप मुझे तीन महीने पहले कहते कि मैं स्पेन में ऐसे हालत में काम करूंगी, तो मैं आप पर कतई यकीन नहीं करती. उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में उसी मेडिकल स्टाफ का चेकअप किया जा रहा है जिसमें कोरोना के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं. अगर यहां पर रेगुलर टेस्ट किया जाए तो अस्पताल में स्टाफ ही देखने को न मिले.


विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल स्टाफ के बीमार होने का दोगुना नुकसान है. पहला तो ये कि वे संकट के समय में मदद करने की योग्यता खो देते हैं, दूसरा वे खुद भी संक्रमण का केंद्र बन जाते हैं.

कृपया करके हमें अकेले मत छोड़िए

इटली में कोरोना वायरस के संक्रमण से लगभग 70 हजार लोग ग्रसित हैं. इनमें से दसवां हिस्सा मेडिकल वर्कर, डॉक्टर और नर्सों का है. ये स्वास्थ्यकर्मी सरकार से रोजाना संसाधनों की भीख मांग रहे हैं. इनकी गुहार है कि इन्हें ज्यादा से ज्यादा मास्क, ग्लव्स और गॉगल्स दिए जाएं. इटली के डॉ फ्रांसेस्का डे गेनारो ने सरकार को एक खुला खत लिखते हुए कहा, "कृपया करके हमें अकेले मत छोड़िए, आप हमारी जितनी मदद कर सकते हैं करिए. उन्होंने सरकार से मेडिकल उपकरणों की मांग की है.
 
19 मेडिकल स्टाफ की मौत

डे गेनारो इटली के बेरगामो में एक छोटा सा अस्पताल चलाते हैं. यहां कोरोना का प्रकोप जबर्दस्त रहा है. इस अस्पताल के 460 में से 90 स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इटली की मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक देश में कोरोना का इलाज कर रहे 19 मेडिकल स्टाफ मारे गए हैं.