भोपाल
कोरोना वायरस का असर मध्य प्रदेश की जेलों पर भी दिखने लगा है. जेल मुख्यालय ने इस महाबीमारी से निपटने के लिए जेलों में बंद ज्यादा से ज्यादा कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला लिया है. इस संबंध में सभी जेल अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. यह सब इसलिए किया जा रहा है कि क्योंकि जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं. कहीं भी ज़्यादा लोग जमा न हों, ताकि इसके वायरस (COVID 19) को कम्युनिटी में फैलने से रोका जा सके.

जेल मुख्यालय ने प्रदेश की सभी जेलों को 12 निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का पालन भी शुरू हो गया है. सबसे महत्वपूर्ण आदेश कैदियों को अधिक से अधिक संख्या में पैरोल पर छोड़ने का है. प्रदेश की ज्यादातर जेलों के अंदर क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं. ऐसे में अच्छे आचरण वाले कैदियों को कुछ समय के लिए पैरोल पर छोड़ा जा रहा है. यह इसलिए किया जा रहा है कि जेलों में भीड़ न रहे. मुख्यालय के आदेश के बाद जेल अधीक्षकों ने ऐसे कैदियों की सूची तैयार कर ली है.

मुख्यालय ने कई दूसरे निर्देश भी जेलों के लिए दिए हैं. जेल के गेट पर साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था, बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग बंद करने, नए और पैरोल से आने वाले कैदियों की स्क्रीनिंग के लिए कहा गया है. सभी जेलों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं. ताकि जरूरत पढ़ने पर कैदियों को भर्ती किया जा सके. मुख्यालय ने सभी जेल अधीक्षकों से यह भी कहा है कि सर्किल जेलों में ज्यादा से ज्यादा मास्क बनाए जाएं. सर्किल जेल की तरफ से इन मास्क को दूसरी जेलों तक पहुंचाया जाए. साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि जेलों की बैरक से बाहर कम से कम कैदियों को निकाला जाए. कोशिश रहे की कैदी अपनी बैरक में ही रहें. जेल के अंदर भी कोशिश रहे कि कम ही कर्मचारी अंदर और बाहर आएं-जाएं.