इस्‍लामाबाद

कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस महामारी से निपटने के लिए खजाना खोल दिया है। इमरान खान ने मंगलवार को 1.13 ट्रिल्‍यन रुपये के वित्‍तीय पैकेज का ऐलान किया है। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने यह आर्थिक पैकेज कोरोना से जंग और अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को देखते हुए घोषित किया है।

अब तक इस पूरे संकट से बहुत लापरवाही से निपटने के आरोपों का सामना कर रहे इमरान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी 15 रुपये की भारी कमी की है। दरअसल, महंगाई और टिड्डों के हमले की मार झेल रहे पाकिस्‍तान की कोरोना वायरस ने हालत पस्‍त कर दी है। देश में अब तक कोरोना वायरस से 990 लोग संक्रमित हुए हैं और अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है। पाकिस्‍तान का स‍िंध प्रांत सबसे ज्‍यादा प्रभावित है। यहां कोरोना संक्रमण के 410 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा पंजाब में 296 और बलूचिस्‍तान में 110 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।

कर्ज मिलने के बाद इमरान ने दिया वित्‍तीय पैकेज
कोरोना संकट से बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए अब पूरे पाकिस्‍तान में सेना को तैनात किया गया है। इस बीच खराब माली हालत को देखते हुए इमरान खान ने वर्ल्‍ड बैंक और कई अन्‍य देशों से कर्ज की गुहार लगाई। पाकिस्‍तान को कर्ज मिलने के बाद अब इमरान खान ने 1.13 ट्रिल्‍यन रुपये के वित्‍तीय पैकेज का ऐलान किया है। इमरान खान ने कहा कि इस पैकेज के तहत मजदूरों को 200 अरब डॉलर, 150 अरब रुपये ऐसे परिवारों को दिया जाएगा संकट में रहेंगे। इसके अलावा गरीब परिवारों को मिलने वाले भत्‍ते को 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर द‍िया गया है।

इमरान सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब पाकिस्तान में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने से सरकार के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। पाकिस्‍तान में तेजी से बढ़ रही संक्रमित लोगों की संख्या के बीच अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। COVID19 इन्फेक्शन से मौत का सबसे ताजा मामला पंजाब में आया है। यहां नए मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है और वायरस की चपेट में आए लोगों की संख्या 296 पहुंच चुकी है।

फोन से हो रही कोरोना संक्रमितों की ट्रैकिंग
संकट को देखते हुए 31 मार्च तक देश में सभी पैसेंजर ट्रेनें बद कर दी गई हैं। चीन और साउथ कोरिया के बाद अब पाकिस्तान कोरोना पॉजिटिव मरीज के कॉन्टैक्ट में आए लोगों को फोन के जरिए ट्रैक कर रहा है। इसके बाद उन्हें एसएमएस कर जानकारी दी जा रही है कि उनके कॉन्टैक्ट के किस व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। फोन से ट्रैक करने का तरीका चीन और साउथ कोरिया में भी अपनाया गया था जो कि सफल रहा है। वहीं, इजरायल फोन के जरिए कोरोना मरीजों की गतिविधि पर नजर रख रहा है।