नई दिल्ली
25 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस वर्ष नवरात्र का आरंभ बुधवार से हो रहा है जिससे माता का आगमन नाव पर हो रहा है। शास्त्रों में कहा गया है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मां दुर्गा की पूजा का संकल्प लेकर कलश स्थापित करना चाहिए फिर श्रद्धा भाव से माता की पूजा करनी चाहिए। इस वर्ष शुभ संयोग की बात यह है कि नवरात्र में पूरे नौ दिनों तक माता की पूजा होगी।

पंडित राकेश झा बताते हैं कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ 24 मार्च को 2 बजकर 57 मिनट से है जो अगले दिन यानी 25 मार्च को शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों का नियम है कि जिस तिथि में सूर्योदय होता है उसी तिथि का मान होता है। इसलिए 25 मार्च को सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि होने से इसी दिन से नवरात्र आरंभ हो रहा है और कलश स्थापना की जाएगी।

1/5चैत्र शुक्ल नवरात्र कलश स्थापना मुहूर्त 
इस वर्ष नवरात्र में कलश स्‍थापित करने का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजे से 6 बजकर 30 तक है। इसके बाद सुबह 8 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 तक कलश स्‍थापना की जा सकती है। जो लोग इस समय तक कलश नहीं स्‍थापित कर पाते हैं वह शाम में 3 बजकर 30 मिनट तक यह शुभ कार्य कर सकते हैं।