जबलपुर
कोरोना वायरस अलर्ट के चलते मुख्यालय जबलपुर सहित सम्भाग के सभी जिले टोटल लॉकडाउन कर दिए गए हैं। इसमें नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, डिंडौरी और मंडला जिले की सीमा में आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। आसपास के जिलों में संदिग्ध पाए जा रहे लोगों की जांच कर उन्हें आइसोलेशन सेंटर भेजा जा रहा है। जबलपुर में 5 लोग संक्रमित मिलने के बाद ज्वैलरी व्यवसायी मुकेश अग्रवाल पर एफआईआर कराई जा चुकी है तो वहीं मेडिकल अस्पताल में एडमिट पांचों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर होने की जानकारी मिली है। चूंकि लॉक डाउन की अवधि चार दिन बढ़ा कर 26 मार्च तक की जा चुकी है इसके चलते आम आदमी घबराहट में है, लेकिन प्रशासन न घबराने की अपील कर  रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा टोटल लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाने के साथ ही सामान्य जनता से न घबराने , एहतियात बरतने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने अपील की जा रही है। 22 मार्च को सफल जनता कर्फ्यू के बाद शाम पांच बजे लोगों ने सेवाधर्मियों के सम्मान में सड़क पर उतरकर घंटा,घड़ियाल, थाली और ताली बजाकर प्रधानमंत्री और देश के साथ कोरोना से लड़ने वालों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई।

चूंकि देश के इतिहास में इस समय पहली बार लगभग सभी यात्री ट्रेन बंद हो चुकी हैं और प्राइवेट ट्रेवल्स और ट्रांसपोर्ट बंद हो जाने से आवागमन ठप हो गया है। उधर जिन जिलों की सीमा को स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है वहां सड़क पर ही जांच पड़ताल कर आने-जाने वालों को वापस लौटाया जा रहा है। हालत यह है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी दो दिन का कम्पलीट अवकाश घोषित कर दिया है वहीं न्यायालयीन कार्य से वकीलों ने अपने को दूर कर लिया है।

कुल मिला कर वर्तमान समय में दवाई दुकान छोड़ अन्य सभी तरह का व्यवसाय बंद करा दिया गया है। इसके चलते लोगों को दूध,सब्जी,किराना जैसी आवश्यक वस्तुएं का टोटा पड़ रहा है। मठ-मंदिर,देवालयों से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर आम आदमी के एकत्रीकरण पर लग चुके प्रतिबंध के चलते लोगबाग घर पर ही पूजा-पाठ कर रहे हैं वहीं बच्चे घर पर धमाचौकड़ी मचा रहे हैं तथा टीवी-टेलीविजन,गेम्स आदि के सहारे बड़े-बूढ़े तक दिन काट रहे हैं।