आपने बड़े से बड़े कब्रिस्तान की बात सुनी होगी, जहां लाखों लोग दफ्न हैं, लेकिन क्या कभी सुना है कि विमानों के भी कब्रिस्तान होते हैं। जी हां, अमेरिका में एक ऐसी जगह है, जिसे दुनिया में सैन्य विमानों के सबसे बड़े कब्रिस्तान के रूप में जाना जाता है। यहां चार हजार से अधिक बेकार हो चुके सैन्य विमान रखे गए हैं। इसके अलावा विमानों के इस कब्रिस्तान में कई अंतिरक्ष यान भी रखे हुए हैं।

विमानों का सबसे बड़ा कब्रिस्तान एरिजोना के टक्सन रेगिस्तान में है, जो करीब 2600 एकड़ में फैला हुआ है। यह आकार में लगभग 1400 फुटबॉल के मैदानों के बराबर है। यह जगह 'बोनयार्ड' के नाम से मशहूर है। साल 2010 में गूगल अर्थ ने पहली बार इस जगह की साफ तस्वीरें जारी की थी।

यहां रखे गए विमानों में नए से लेकर अमेरिकी सेना द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल किए गए विमान तक शामिल हैं। शीत युद्ध के समय का बम वर्षक विमान बी-52 भी इस कब्रिस्तान में रखा हुआ है। बी-52 विमान को साल 1990 में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच हुए एसएएलटी निशस्त्रिकरण समझौते के बाद अमेरिका ने अपने बेड़े से हटा दिया गया था। इसके अलावा यहां एफ-14 विमान भी रखे हुए हैं, जिसे हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'टॉप गन' में दिखाया गया है। इस विमान को अमेरिकी नौसेना ने साल 2006 में अपने बेड़े से हटा दिया था।

अमेरिका का 309वां एयरोस्पेस मेंटेनेंस एंड रीजनरेशन ग्रुप विमानों के सबसे बड़े कब्रिस्तान की देखभाल करता है और यहां आने वाले विमानों की मरम्मत करता है। साथ ही उनमें से कुछ विमानों को वह उड़ने लायक भी बना देता है। यहां पुराने विमानों के इंजन सहित बाकी के कल-पुर्जे सहेज कर रखे जाते हैं और उन्हें कम कीमत पर बेच दिया जाता है। अमेरिकी सरकार ने दूसरे देशों को भी यहां से पुराने कल-पुर्जे और विमान खरीदने की छूट दे रखी है।

विमानों के सबसे बड़े कब्रिस्तान यानी 'बोनयार्ड' की स्थापना द्वितीय विश्वयुद्ध के ठीक बाद की गई थी। असल में इस जगह को इसकी ऊंचाई और शुष्क परिस्थितियों को ध्यान में रख कर चुना गया था, क्योंकि ऐसी जगहों पर विमानों को बाहर रखने पर भी वो जल्दी खराब नहीं होंगे।