जयपुर 
कोरोना वायरस से निपटने और इसको फैलने से रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है. सूबे की अशोक गहलोत सरकार ने 31 मार्च तक पूरे राजस्थान को बंद करने का आदेश दे दिया है. हालांकि जरूरी चीजों की दुकानों को खोलने की इजाजत रहेगी. कोरोना वायरस को रोकने के लिए राजस्थान सरकार का यह अब तक का सबसे बड़ा फैसला है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूरे सूबे को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान सभी बाजार, प्रतिष्ठानों और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. रोडवेज समेत सार्वजनिक परिवहन के सभी वाहनों के परिचालन पर भी पाबंदी लगा दी गई है. हालांकि इस दौरान राजस्व से जुड़े कुछ महकमों में काम संचालित किया जा सकता है.

कुल मिलाकर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरा राजस्थान 31 मार्च तक बंद रहेगा. इस संबंध में राजस्थान के गृह विभाग की तरफ से विस्तृत आदेश भी जारी किया गया है. इसको लेकर सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के ऐलान के बाद गहलोत सरकार ने राजस्थान को बंद करने का फैसला लिया है. इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में रविवार यानी 22 मार्च के दिन जनता कर्फ्यू की अपील की थी.
 
पीएम मोदी ने कहा था कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर अन्य सभी लोग जनता कर्फ्यू के दिन सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक घरों से बाहर न निकलने का संकल्प लें. साथ ही रविवार को ही शाम पांच बजे घरों के सामने या बालकनी में खड़े होकर डॉक्टर, मीडिया और होम डिलीवरी करने वाले कर्मियों के लिए पांच मिनट तक ताली या थाली बजाकर सैल्यूट करें. रविवार को रेलवे ने भी सभी यात्री ट्रेनों को बंद रखने का ऐलान किया है.
 
आपको बता दें कि कोरोना वायरस भारत समेत पूरी दुनिया में तेजी से पैर पसार रहा है. अब तक विश्वभर में कोरोना वायरस से 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और ढाई लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की सख्या बढ़कर 329 तक पहुंच गई है, जिनमें से चार लोगों की मौत हो चुकी है.