रायपुर
मंत्रालय महानदी भवन में आज प्रदेश की सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की राज्य स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में योजना के क्रियान्वयन की वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों की समीक्षा के साथ योजना के लिए भारत द्वारा सरकार जारी की गई राशि के अनुसार किये गये कार्यो की समीक्षा की गई। बैठक में माननीय सांसदों द्वारा दिये गये सुझावों एवं प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक में लोकसभा कांकेर क्षेत्र के सांसद श्री मोहन मंडावी और जांजगीर-चांपा श्री गुहराम अजगले सहित अन्य सांसदों के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के कार्यो के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव ने बताया कि 16वीं लोकसभा के अंतर्गत राज्य के लोकसभा क्षेत्र के सांसदों द्वारा प्रस्तावित कार्यो में से स्वीकृत सात हजार 972 कार्यो के लिए राशि 267 करोड़ 79 लाख पांच हजार 23 रूपए स्वीकृत किये गए थे। इन कार्यो में सात हजार 55 कार्य पूर्ण कर लिए 784 कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार से 17वीं लोकसभा के अंतर्गत अब तक राज्य के सांसदों के प्रस्तावों पर स्वीकृत तीन सौ कार्यो के लिए राशि 13 करोड़ 51 लाख 39 हजार रूपए स्वीकृत किये गये। स्वीकृत कार्यो में 22 कार्य पूर्ण कर लिए गए है। 146 कार्य प्रगति पर है, शेष कार्यो को शीघ्र प्रारंभ किया जाना है।

इसी प्रकार प्रदेश के राज्यसभा सांसदों द्वारा प्रस्तावित कार्यो में से स्वीकृत तीन हजार 778 कार्यो के लिए राशि 14 करोड़ 68 लाख नौ हजार 39 रूपए स्वीकृत किए गए। जिसमें से तीन हजार 310 कार्यो को पूर्ण कर लिया गया है, 272 प्रगतिरत है। बैठक में बताया गया कि मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यो के कार्यस्थल पर पट्टिका लगाने और कार्य के प्रगति के संबंध में सांसदगणों को जानकारी देने के निर्देश दिये गए है। इसी तरह से मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को योजना के अंतर्गत अनुशांसित किये गए कार्यो का नियमानुसार स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिये है और संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को सांसद निधि के कार्यो को प्रगति का निरीक्षण लगातार करने के निर्देश दिये है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगवा, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।