ग्वालियर

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने उन्हें सलाह दे डाली है कि अब वह नई पार्टी का गठन करें. मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ हुई बयानबाजी के बीच महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रुचि राय ठाकुर ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनके पिता माधवराव सिंधिया की पार्टी मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस को एक बार फिर पुनर्जीवित करने की मांग की है.

रुचि राय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पैम्फलेट पोस्ट की है. उनका कहना है कि 1990 के दशक में कुछ इसी तरीके से स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की कांग्रेस पार्टी के द्वारा अनदेखी की गई थी, उसी के चलते उन्होंने 1996 में इस पार्टी का न केवल गठन किया था बल्कि इसके चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़कर भारी मतों से चुनाव भी जीता था.

रुचि ठाकुर ने कहा कि जिस तरीके से मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का योगदान है, वह किसी से छिपा नहीं है. लेकिन इसके बावजूद सरकार में आने के बाद उन्हें को तवज्जो नहीं दी गई जो मिलनी चाहिए थी. वह जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए जब वचन पूरे ना होने पर सड़कों पर उतरने की बात करते हैं तो प्रदेश के मुखिया कमलनाथ यह कहदेते हैं कि उन्हें सड़कों पर उतरना है तो उतर जाएं.

रुचि ठाकुर ने कहा, मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस बयान से ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं. इसलिए वे चाहते हैं कि सिंधिया मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस को एक बार फिर से खड़ा करें.

इस बीच, प्रदेश सरकार के दो मंत्री इमरती देवी और प्रधुम्न सिंह तोमर सिंधिया के साथ सड़कों पर उतरने का ऐलान कर चुके हैं. जबकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बात को स्पष्ट किया है कि वह किसी से नाराज नहीं हैं.

लेकिन इसके बावजूद भी सिंधिया समर्थकों का इस तरीके से बयान आना पार्टी के लिए उचित नहीं कहा जा सकता है. हालांकि इससे पहले भी सिंधिया के कांग्रेस से नाराज होने के बाद पार्टी छोड़ने की अफवाह उड़ती रही हैं जिसे खुद सिंधिया खारिज कर चुके हैं. अब देखना होगा कि महिला कांग्रेस की महासचिव की मांग पर पार्टी आलाकमान और खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया का क्या रुख होता है?

1996 में माधवराव सिंधिया ने बनाई थी पार्टी

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया ने 1996 में कांग्रेस ने नाराज होकर अलग पार्टी का गठन किया था. माधवराव सिंधिया ने तब मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस का गठन किया था और चुनाव लड़ा था. उन्होंने इसमें जीत हासिल की थी. इस पार्टी का चुनाव चिह्न 'उगता सूरज' था.