नई दिल्ली
नैशनल जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में गैर बीजेपी शासित राज्यों में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) और जनगणना आयुक्त आने वाले दिनों में इन राज्यों में जाएंगे और वहां के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करके एनपीआर पर उनकी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करेंगे।

इसी सिलसिले में आरजीआई और जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने पंजाब के सीएम अमरिंदर से मुलाकात की। विवेक जोशी ने शुक्रवार को पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह से मुलाकात कर उन्हें जनगणना 2021 के लिए हाउसलिंस्टिंग फेस की जानकारी दी। इसी के साथ उन्होंने बताया कि हाउसलिस्टिंग फेज के साथ ही इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच प्रस्तावित एनपीआर अपडेशन का काम शुरू किया जाएगा।

एनपीआर से नए सवालों को हटाने की मांग
सूत्रों के मुताबिक, विवेक जोशी जल्द ही एनपीआर का विरोध करने वाले दूसरे राज्यों का दौरा कर वहां के मुख्यमंत्रियों या राज्य के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। इन राज्यों में एनपीआर फॉर्म से पैरंट्स के जन्मस्थान और बर्थडेट से जुड़े सवालों को हटाने की मांग हो रही है। इन राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं जहां विवेक जोशी दौरा कर सकते हैं।

राज्यों की आशंका दूर करेंगे अधिकारी
प्रत्येक राज्य में दौरे के दौरान विवेक जोशी वहां के सीएम या प्रतिनिधि से मिलेंगे और एनपीआर से जुड़ी कानूनी स्थिति, राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के प्लानिंग में एनपीआर की उपयोगिता समझाएंगे। इसी के साथ यह भी बताएंगे कि कैसे एनपीआर पर डेटा साझा करना स्वैच्छिक विकल्प होगा, जिसके लिए किसी कागजात की जरूरत नहीं होंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि केंद्र सरकार की अभी एनआरसी लागू करने की कोई योजना नहीं है।

बिहार और ओडिशा ने भी दिए सरकार के सुझाव
बता दें कि एनपीआर का विरोध करने वाले राज्यों में केरल सरकार का कहना है कि वह एनपीआर को राज्य में लागू नहीं करेगा लेकिन जनगणना में सहयोग देगी। पश्चिम बंगाल सरकार ने एनपीआर को लंबित रखा है। वहीं कांग्रेस शासित राज्य- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने एनपीआर में पैरंट्स की बर्थडेट और बर्थप्लेस से जुड़े सवालों को हटाने की मांग की है। यहां तक कि ओडिशा और बिहार ने भी एनपीआर फॉर्म से इन सवालों को हटाने की सलाह दी है।