जहानाबाद

देशद्रोह के आरोप में पुलिस जिस शरजील इमाम की तलाश कर रही है, उसका राजनीति से पुराना नाता रहा है. शरजील के पिता मोहम्मद अकबर इमाम बिहार की सियासत में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं. मोहम्मद अकबर इमाम को जेडीयू ने 2005 के विधानसभा चुनाव में जहानाबाद से टिकट दिया था. फरवरी 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में अकबर इमाम की हार हुई थी.

शरजील इमाम के पिता का जेडीयू से कम लेकिन पार्टी में रहे जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार से ज्यादा नाता रहा है. अरुण कुमार जहां रहे और जिस पार्टी में रहे अकबर इमाम उन्हीं के साथ रहें. अरुण कुमार समता पार्टी के समय से ही जेडीयू से जुड़े रहे. 1999 में वो समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते.

बाद में वो जेडीयू से अलग हो गए. हालांकि, मोहम्मद अकबर इमाम अपनी मौत से कुछ दिन पहले जेडीयू में लौटे थे. अकबर इमाम की चार साल पहले मौत हो गई. अब शरजील इमाम का छोटा भाई पूर्व सांसद अरुण कुमार की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (सेक्युलर) का सदस्य है.

भड़काऊ भाषण की वजह से देशद्रोह का आरोप

भड़काऊ भाषण की वजह से शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज है. पुलिस शरजील की तलाश कर रही है. शनिवार को पटना के सब्जीबाग के प्रोटेस्ट में शरजील को शामिल होना था, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के कारण पटना में रहते हुए भी वो उस प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हुआ. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जहानाबाद के काको के उसके पैतृक घर पर छापेमारी की, हालांकि वो वहां नहीं था.

'प्रोटेस्ट अपराध तो शरजील को सरेंडर करवा देंगे'

शरजील के चाचा अरशद इमाम ने कहा कि शरजील ने ऐसा कुछ नहीं किया है, उसने सिर्फ प्रोटेस्ट किया है और अगर प्रोटेस्ट करना अपराध है तो शरजील को वो फौरन सरेंडर करवा देंगे. उनका कहना है कि राजनैतिक कारणों से शरजील को फंसाया जा रहा है. शरजील की मां भी अपने बेटे को निर्दोष बता रही हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में भी लिया. हालांकि, पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

शरजील के पिता के जेडीयू में होने के बावजूद पार्टी ने उसका कोई बचाव न करते हुए कहा कि कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी. पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जो भी कानून की नजर में दोषी है, वो चाहे किसी धर्म, किसी मजहब या किसी पार्टी का है उसे बक्शा नहीं जा सकता है.