इंदौर
देशवासियों के दिल जोड़ने को भारत और कांग्रेस दोनों की समान तहजीब बताते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 71वें गणतंत्र दिवस पर रविवार को कहा कि इस संस्कृति और संविधान के खिलाफ जाने की कोशिश करने वाले लोगों से डटकर मुकाबला किया जायेगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह बात ऐसे वक्त कही है, जब संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ देश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन जारी हैं। कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने यहां गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कहा, " भारत के अलावा पूरे विश्व में ऐसा कोई भी देश नहीं है जहां इतनी विविधता है। हमारे यहां इतने सारे धर्म, जातियां, भाषाएं और त्योहार हैं। हमारे यहां अनेकता में एकता है जो भाईचारे की संस्कृति का फल है। इसी संस्कृति के कारण भारत एक झंडे के नीचे खड़ा है।" उन्होंने कहा, " कांग्रेस की संस्कृति भी लोगों को जोड़ने की संस्कृति है। हम समाज और लोगों के दिलों को जोड़ते हैं। यही हमारे भारत की संस्कृति भी है।" मुख्यमंत्री ने कहा, " हम संकल्प लेते हैं कि जो भी व्यक्ति हमारी इस संस्कृति और संविधान के विपरीत जाने का प्रयास करेगा, हम उसका डटकर मुकाबला करेंगे।" उन्होंने यह संकल्प भी दिलाया कि संविधान के मूल्यों के साथ भारत की भाईचारे की संस्कृति को हमेशा मजबूत बनाया रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, " कांग्रेस का त्याग का इतिहास है। हम आज भी देश के लिये त्याग को तैयार हैं। जो चुनौतियां आज हमारे सामने हैं, ऐसी ही चुनौतियों का हम पिछले 70 साल से सामना कर रहे हैं। हम आगे भी इन चुनौतियों का मजबूती से मुकाबला करेंगे।"