जबलपुर। मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल के 25 सदस्य पद हेतु आज सुबह से प्रदेश भर के जिलों व तहसीलों में मतदान शुरु हुआ। भारी गहमागहमी के बीच लाइन लगा कर वोट डाल रहे वकीलों को रिझाने मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशियों ने समर्थक वकीलों सहित टेंट लगा रखे हैं। शाम पांच बजे तक चलने वाले मतदान के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन द्वारा जिला कोर्ट, हाईकोर्ट और तहसील परिसर के आसपास काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा गया है। निर्वाचन प्रक्रिया काउंसिल की विशेष समिति के अध्यक्ष महाधिवक्ता मध्यप्रदेश शशांक शेखर, पर्यवेक्षक जस्टिस केके त्रिवेदी और जस्टिस एचपी सिंह की मॉनीटरिंग में चल रही है। बताया जा रहा है कि आज मतदान के बाद मतगणना 17 फरवरी से शुरु होगी। उल्लेखनीय है कि स्टेट बार काउंसिल वकीलों की सबसे बड़ी संस्था है। इसके चुनाव प्रत्येक पांच साल में एक बार होते हैं।

स्टेट बार काउंसिल के चुनाव 2 दिसंबर को होना थे। लेकिन इससे पहले हुए विवाद के कारण कोर्ट ने चुनावों पर रोक लगा दी। दरअसल एक अंतरिम आवेदन के जरिए बार काउंसिल आॅफ इंडिया के 2 नवंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। स्टेट बार काउंसिल के इस आवेदन में सचिव से पीठासीन अधिकारी का जिम्मा वापस लेने को गलत बताया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल के अंतरिम आवेदन का निराकरण कर चुनाव से रोक हटा ली और कहा कि मप्र हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केके त्रिवेदी व जस्टिस एचपी सिंह चुनाव के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षक की भूमिका में होंगे।
आज हो रहे चुनाव में कुल 56 हजार 798 मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने अवसर मिला है। 25 सदस्यों के चुनाव के लिए प्रदेश के 145 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। भोपाल के 12 वकील भी मैदान में उतरे हुए हैं।