भिंड के एक युवक का मुंबई (Mumbai) में फर्ज़ी खाता (Fake account) खोलकर उसमें एक अरब 32 करोड़ रुपए से अधिक ट्रांजेक्शन (Transaction) का मामला सामने आया है. रवि गुप्ता (ravi gupta) नाम का ये युवक मिहोना का रहने वाला है. उसे इस बात की जानकारी तब लगी जब उसके मेल पर इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने 3 करोड़ 49 लाख रुपए टैक्स जमा करने का नोटिस (notice) थमा दिया. अब यह युवक इधर से उधर चक्कर काट रहा है.

 

आप अगर अपने दस्तावेज किसी से शेयर करते हैं तो सावधान हो जाएं. यह खबर पढ़कर आप जान जाएंगे कि किस प्रकार से आपके दस्तावेजों के जरिए करोड़ों का हेरफेर किया जा सकता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है भिंड जिले के मिहोना कस्बे का.यहां रहने वाले रवि गुप्ता के साथ ऐसा ही हुआ. रवि गुप्ता वर्तमान में लुधियाना में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहे हैं. उनकी चालीस हजार रुपए तनख्वाह है. लेकिन वो उस समय दंग रह गए जब उनके मेल पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से तीन करोड़ 49 लाख रुपये टैक्स के जमा करने का नोटिस आया. पहले तो उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब दोबारा मेल आया तो रवि का माथा ठनका. उन्होंने इसकी जानकारी ली तो सकते में आ गए.

 

मुंबई में खाता

दरअसल रवि गुप्ता का पैन कार्ड और फोटो उपयोग करके मुंबई के मलाड स्थित एक्सिस बैंक ब्रांच में एक अकाउंट खोला गया. उसमें एक अरब 32 करोड़ का लेनदेन वर्ष 2011-12 में हुआ. इन्हीं ट्रांजेक्शन के आधार पर इनकम टैक्स ने रवि को नोटिस भेजा. रवि का कहना है वह कभी मुंबई गया ही नहीं तो उसका खाता एक्सिस बैंक में कैसे खुल गया. यही नहीं बैंक ने आखिर कैसे फर्जी डाक्यूमेंट्स को वेरीफाई कर खाता खोल दिया.

 

मेहुल चौकसी के ऑफिस

रवि का कहना है कि जिस समय के यह ट्रांजेक्शन बताए जा रहे हैं उस समय तो वह एक प्राइवेट फर्म में महज 6 से 7 हजार रुपए की नौकरी करता था.रवि गुप्ता के अनुसार इतने बड़े ट्रांजेक्शन का पता चलने के बाद उसने एक्सिस बैंक से संपर्क कर खाते की पूरी जानकारी निकलवाई और उसके आधार पर उसने जब बैंक में दर्ज एड्रेस को इंटरनेट पर सर्च किया तो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आयी. बैंक में टिया ट्रेडर्स, 7/A जीआरडी धन मेंशन, गजधर रोड, सीवाईएसएस रोड, मुम्बई का जो एड्रेस दिया गया है उसके आसपास सारे ऑफिस मेहुल चौकसी के नाम से हैं.

 

CBI में शिकायत

रवि का कहना है उसने कभी बैंक में इतने ट्रांजेक्शन किए ही नहीं तो वह इनकम टैक्स के साढे तीन करोड़ रुपए कैसे जमा कर सकता है. वह अब इधर से उधर चक्कर काट रहा है. ग्वालियर में वह इनकम टैक्स और पुलिस के पास गया तो वहां से उसे मुंबई या फिर गृह नगर से मामला दर्ज करवाने के लिए बोला गया.रवि ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ ही एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और सीबीआई को भी लिखा. लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिला.इसके बाद रवि ने मध्यप्रदेश पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस को ऑनलाइन शिकायत की है. रवि का कहना है सीबीआई ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है. वो कहते हैं उनका परिवार जरूर टेंशन में है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत सरकार पूरे मामले की जांच कर फर्जी खाता खोलने और खुलवाने वालों पर कार्रवाई जरूर करेगी.