बीते कुछ सालों में 19 वर्षीय सुरभि ने अपनी सेहत पर काफी ध्यान दिया है। जिम में कई तरह के एक्सर्साइज करने के साथ ही वह नियमित रूप से पार्कों व सड़कों पर दौड़ लगाती है। शहर व उसके बाहर होने वाली अनेक मैराथनों में भी वह शामिल रही है। इससे उनकी सेहत में अनेक लाभ हुए हैं, लेकिन आज एक समस्या के साथ वे अपनी गाइनैकॉलजिस्ट के पास पहुंचीं। सुरभि का मासिक धर्म यानी पीरियड्स पिछले कई महीनों से अनियमित रहा है। लेकिन बीते दो महीनों से यह बंद है। साथ ही उनके शरीर में एक अजीब सी थकान और कमजोरी भी हर वक्त बनी रहती है। हड्डियों-मांसपेशियों में दर्द रहता है। एक दिन तो यह दर्द दायीं टांग की हड्डी में इतना बढ़ गया कि वे दौड़ छोड़कर लंगड़ाते हुए घर पहुंचीं।

ज्यादा एक्सर्साइज करने की वजह से शरीर को हुआ नुकसान
डॉक्टर को शक है कि सुरभि बहुत ज्यादा एक्सर्साइज करने के कारण फीमेल एथलेटिक ट्रायड से पीड़ित है। यह 3 प्रकार के लक्षणों का एक समूह है। पहला- शरीर में हर समय कमजोरी व थकान का बने रहना, दूसरा- मासिक धर्म की अनियमितता और तीसरा- हड्डियों में कमजोरी के कारण फ्रैक्चर।

मासिक धर्म हो जाता है अनियमित
आवश्यकता से अधिक व्यायाम करने से स्त्री-शरीर में जो हॉर्मोनल व मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं, उनके कारण इन लक्षणों का जन्म होता है। सुरभि के मासिक धर्म के अनियमित होने में भी आवश्यकता से अधिक किया जा रहा व्यायाम जिम्मेदार है। साथ ही पर्याप्त पौष्टिक आहार लिए बिना लगातार दौड़ने से उनके पैर की हड्डी में स्ट्रेस-फ्रैक्चर हो गया है।

दूसरों को देखकर नहीं, शरीर की जरूरत के अनुसार करें कसरत
पश्चिम में यह ट्रायड धावक व व्यायाम करने वाली महिलाओं में काफी देखा जाता है। भारत में भी स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इन लक्षणों का प्रचलन बढ़ने लगा है। ऐसे में डॉक्टर सुरभि को अपना व्यायाम घटाने की सलाह दे रही हैं। साथ ही वे उन्हें यह भी बता रही हैं कि दूसरों की देखा देखी कसरत करना उचित नहीं। अपनी आवश्यकता और क्षमता को ध्यान में रखें अन्यथा वह बीमार पड़ सकती हैं।

एक्सर्साइज के साथ डायट और नींद का भी रखें ध्यान
डॉक्टर सुरभि से उचित मात्रा में नींद लेने की बात भी कहती हैं। साथ में पौष्टिक आहार भी। कसरत का सर्वाधिक लाभ उसी को मिलता है जो खानपान और नींद पर भी उतना ही ध्यान देता है।