जबलपुर
राज्य सरकार की अपील पर हाईकोर्ट (High Court) ने तमाम याचिकाओं पर सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टाल दी है. अब इन तमाम याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुनवाई होगी. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत का आरक्षण देते हुए आरक्षण को 50 फीसदी से ज्यादा यानि 63 फीसदी पहुंचा दिया है.

इन याचिकाओं में राज्य शासन द्वारा जारी संशोधन अधिनियम 2019 को चुनौती दी गई और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा इसके आधार पर प्रारंभ की गई नियुक्ति प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई है. याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत राज्य शासन द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं किया जा सकता, लेकिन अक्टूबर 2019 में यह आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया.

याचिकाओं में ये भी कहा गया है कि जो आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए बढ़ाया गया है, वह बिना किसी आधार के और पिछड़ा वर्ग आयोग से परामर्श किए बिना बढ़ाया गया है. अब इन सभी याचिकाओं पर 28 जनवरी को सुनवाई होगी जिसमें देखना होगा कि राज्य सरकार इसमे क्या जवाब प्रस्तुत करती है.