हर महीने में दो चतुर्थी तिथि आती है शुक्ल पक्ष की और कृष्ण पक्ष की। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। माघ मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व रहा है। इसे सकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है।

इस व्रत को सुहागन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और संतान सुख के लिए करती हैं। करवाचौथ पर पत्नी जैसे पति की लंबी आयु के लिए नर्जल व्रत रखती हैं ठीक उसी तरह सकट के अवसर पर महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं।

इस व्रत में भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। सकट चौथ की कई कथाओं में वर्णन है कि भगवान गणेश की कृपा से संतान की रक्षा हुई और संतान सुख प्राप्त हुआ। इस व्रत में चांद के उदित होने पर उनके दर्शन किए जाते हैं फिर व्रत का समापन होता है।

आपके शहर में सकट चौथ पर चांद कब देंगे दर्शन

दिल्ली 8 बजकर 37 मिनट

मुंबई 9 बजकर 8 मिनट

नोएडा 8 बजकर 37 मिनट

लखनऊ 8 बजकर 27 मिनट

कानपुर 8 बजकर 27 मिनट

पटना 8 बजकर 8 मिनट

चंडीगढ 8 बजकर 36 मिनट

जयपुर 8 बजकर 45 मिनट

फरीदाबाद 8 बजकर 37 मिनट