कोटा
कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में एक महीने में 100 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने स्वीकार किया है कि कोई ना कोई खामी रही होगी। साथ ही यह भी कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पुरानी सरकार की तुलना में कम बच्चों की मौत के तर्क को अस्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि हमें सरकार में आए 13 महीने हो चुके हैं। पुरानी सरकारों को दोष देने से काम नहीं चलेगा। सरकार का रुख संतोषजनक नहीं है। 100 बच्चों की मौत और केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी के बाद उपमुख्यमंत्री शनिवार को अस्पताल पहुंचे थे।

सचिन पायलट ने दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हमें आंकड़ों के जाल में नहीं फंसना है। हम लोगों का रेस्पांस रहा है इस पूरे मामले को लेकर वह किसी हद तक संतोषजनक नहीं है। आंकड़ों के जाल में हम चर्चा को ले जाएं यह उन लोगों को स्वीकार्य नहीं है जिन्होंने अपने बच्चे खोए हैं। जिस मां ने अपने बच्चे को कोख में 9 महीने रखे हैं उसका कोख उजड़ता है तो उसका दर्द वही जानती है। हमें लोगों को विश्वास दिलाना होगा कि हम इस तरह की घटना स्वीकार नहीं करेंगे। हमें जिम्मेदारी तय करनी होगी। यदि इतने बच्चों की मौत हुई है तो कोई ना कोई कमी तो जरूर रही होगी।'


क्या कहा था अशोक गहलोत ने?
प्रदेश के सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि प्रदेश के हर अस्पताल में हर रोज 3-4 बच्चों की मौतें होती हैं। यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल पिछले 6 सालों के मुकाबले सबसे कम मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा, 'एक भी बच्चे की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन मौतें 1400 भी हुई हैं, 1500 भी हुई हैं। इस साल तकरीबन 900 मौतें हुई हैं। '

कोटा नहीं जाने पर बोलीं प्रियंका गांधी
यूपी में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों के घर पहुंच रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कोटा नहीं पहुंचने पर विपक्षी सवाल कर रहे हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने प्रियंका पर कोटा नहीं जाने को लेकर निशाना साधा था। शनिवार को मीडियाकर्मियों ने जब प्रियंका से सवाल किया तो उन्होंने कहा, 'उनको (मायावती) निकलना चाहिए। उनको जाना चाहिए मिलने पीड़ितों से।' प्रियंका ने यह भी कहा कि मैंने मामले की जानकारी ली है और अधिक जानकारी जुटाने के लिए वहां कांग्रेस की एक टीम गई है।