रायपुर
भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों अर्थात आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के सेनानियों के बलिदान के स्मरण एवं श्रद्धांजलि के लिए सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाया जाता है। इसमें शहीदों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याणार्थ पूरे देश में सशस्त्र सेना झण्डा वितरण कर अनुदान राशि एकत्र की जाती है। यह दिवस 1949 से लगातार हर वर्ष मनाया जा रहा है। 7 दिसंबर को ध्वज दिवस के नाम से भी जाना जाता है।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर ए श्रीनिवास राव (सेनि) ने बताया कि संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय रायपुर की ओर से राजधानी में वीर नारियों, शहीदों के परिजनों, भूतपूर्व सैनिकों, द्वितीय विश्व युद्ध की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक परिवारों की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुब्रत साहू प्रमुख सचिव गृह विभाग, सोनमणि बोरा सचिव राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन थे। कार्यक्रम में वीर नारियों और उनके परिजनों को 5 हजार रुपए का अनुदान दिया गया। वहीं द्वितीय विश्व युद्ध के सेनानियों और अश्रितों को 6 हजार रुपए का अनुदान दिया गया। एमलगामेटेड स्पेशल फंड में अनुदान देने वाले जिम्मेदार नागरिकों को सम्मानित किया गया।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि आज शहीदों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों को स्मरण करने का दिन है। इन्होंने भारत माता की सेवा में अपनी कुबार्नी दी है। साथ ही इस दिन भारत की जनता स्वेच्छा से सशस्त्र सेना के इन वीरों और उनके परिजनों के कल्याणार्थ राशि भी देती है। जिसका सैनिकों और उनके परिजनों के हित में उपयोग किया जाता है। एयर कमोडोर एएन कुलकर्णी ने कहा कि वीरों ने जो सर्वोच्च बलिदान देश के लिए किया है उनकी वीर नारियों, वीर माताओं और परिजनों का सम्मान किया गया। यह कृतघ्नता दिखाने के लिए कि हम आपके साथ में हैं।