इंदौर
बीजेपी (bjp) की दिग्गज नेता, पूर्व सांसद और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (sumitra mahajan) ने आज मन की बात की और दिल राज़ खोला. उन्होंने इंदौर (indore) में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा मैं इंदौर के विकास के लिए कांग्रेस (congress) के युवा नेताओं को मुद्दे सुझा देती थी. ताई ने मंच से कमलनाथ सरकार (kamalnath) के एक मंत्री का नाम लेते हुए कहा, इस युवा नेता में मेरा शिष्य बनने के सभी गुण हैं.

इंदौर के एम वाय अस्पताल में नयी कैंटीन शुरू हुई. इस भोजन शाला का लोकार्पण राज्यपाल लालजी टंडन ने किया. कार्यक्रम में पार्टी की वेटरन लीडर और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं. उन्होंने यहां अपने बेहद सरल और सहज अंदाज में मन की बात कही. पार्टी लाइन से ऊपर उठते हुए ताई ने कहा, मैं जब सांसद और स्पीकर थी, उस दौरान इंदौर के विकास की फिक्र रहती थी. लेकिन पार्टी के अनुशासन में होने के कारण मैं कई बार अपनी पार्टी की प्रदेश और केंद्र सरकार के ख़िलाफ आवाज़ नहीं उठा सकती थी. ऐसे में मैं कांग्रेस के युवा नेता जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट से धीरे से कह देती थी कि भैया इंदौर के लिए कुछ करो, कुछ कहो. मुद्दा उठाओ, आगे मैं आपकी बात शिवराज सिंह चौहान और केंद्र तक पहुंचा दूंगी.

यहां ताई ने कमलनाथ सरकार में मंत्री और स्थानीय विधायक जीतू पटवारी की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा जीतू पटवारी में मेरा शिष्य बनने के सभी गुण हैं. एम वाय अस्पताल की कैंटीन लोकार्पण के इस कार्यक्रम में राज्यपाल लालजी टंडन भी मौजूद थे. ताई की बातों पर कार्यक्रम में ठहाके लगे. राज्यपाल भी मुस्कुराए है.

ताई ने अपनी बात ये कहकर आगे बढ़ायी कि दरअसल ये इंदौर के लोगों का स्वभाव है कि वो अपने शहर के विकास के लिए राजनीति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बोलते,सोचते और काम करते हैं. उन्होंने मंच से ही इंदौर के कांग्रेस विधायकों और अब कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट की तारीफ की. ताई ने कहा इन्हें कोई बात कहने पर ये पूरे ज़ोर-शोर से उसे उठाते थे.

सुमित्रा महाजन के बयान के बाद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा, ताई अनुभवी नेता हैं. वो जो बोलती हैं सोच समझकर बोलती हैं. इसलिए उन्होंने जो कहा सही कहा. दूसरे मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा, ताई हमारी आदरणीय हैं. इंदौर के विकास में ताई ने जो निर्देश दिए उनका मैंने पालन किया.मंत्री बनने के बाद भी मैं उनका आशीर्वाद लेने गया था.

इंदौर से रिकॉर्ड लगातार 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन का इस बार टिकट कट गया था. बीजेपी के 75 साल के पैमाने के कारण वो इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट की दौड़ से बाहर हो गयी थीं. आख़िरी समय तक उन्हें टिकट मिलने को लेकर संशय बना रहा. इंदौर के टिकट वितरण में देर होने पर खुद ताई ने खुला पत्र लिखकर पार्टी से अपील की थी कि इंदौर के हित में प्रत्याशी के नाम का एलान जल्द किया जाए. बाद में उनकी जगह शंकर लालवानी को पार्टी ने टिकट दिया और वो सांसद चुने गए. सुमित्रा महाजन राजनीति में शुचिता की प्रतीक मानी जाती हैं और इंदौर के विकास के लिए उन्होंने हमेशा पार्टीलाइन से ऊपर उठकर काम किया.