नई दिल्ली

दिल्ली गेट के पास शनिवार देर रात सड़क हादसे से तीन घरों में मातम पसर गया। हादसे में मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद शाद और मोहम्मद हमजा की जान चली गई। चंद मिनट पहले तीनों ही अपने परिजनों के साथ पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अपने रिश्तेदार की शादी में शिरकत करने आए थे। समारोह दरगाह फैज इलाही स्थित बरात घर में था। समारोह में जैसे ही हादसे की खबर मिली। खुशियां गम में बदल गईं। खबर तेजी से फैल गई कि तुर्कमान गेट के एक ही मोहल्ले के तीन लड़कों की मौत हो गई है। पूरे इलाके में मातम था।

तुर्कमान गेट इलाके के रहनेवाले थे तीनों मृतक
हादसे की वजह से रविवार को तुर्कमान गेट की स्क्रैप मार्केट बंद रही। ओसामा तीन बहनों में इकलौता भाई था। उसकी मां अनवरी बेगम के आंसू नहीं रुक रहे। परिजनों ने बताया कि ओसामा परिवार के साथ डी ब्लॉक, डीडीए फ्लैट तुर्कमान गेट पर रहते थे। परिवार में पिता मंजूर अहमद, मां अनवरी बेगम के अलावा तीन छोटी बहनें है। साद परिवार के साथ डीडीए फ्लैट आर ब्लॉक में रहता थे। परिवार में पिता सलाउद्दीन, मां अफशां और चार भाई शफीक, उजेफा और अबु बकर हैं। हमजा के परिवार में पिता मोहम्मद जावेद, मां सबा और दो भाई अली और हसन हैं। तीनों के परिवार का तुर्कमान गेट इलाके में स्क्रैप का कारोबार है।


हादसे के व शादी समारोह में जुटा था पूरा परिवार
हादसे के वक्त तीनों के परिवार शादी समारोह में मौजूद थे। रात करीब 10.45 बजे हमजा अपने पिता का स्कूटर लेकर घूमने निकल गया। ओसामा व शाद भी उसके साथ चले गए। तीनों घूमते हुए बहादुरशाह जफर मार्ग पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए। ओसामा तुर्कमान गेट पर ही एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। शाद निजामुद्दीन के एक नामी पब्लिक स्कूल में आठवीं क्लास में थे। हमजा गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में नौवीं क्लास में पढ़ रहा था। तीनों अपने-अपने परिवार के साथ बरात घर में थे।

हेल्मेट पहने होते तो बच सकती थी जान
तीनों कब चले गए, परिजनों को मालूम नहीं हुआ। स्कूटर हमजा का था और वह ही चला भी रहा था। किसी ने हेल्मेट नहीं पहना था। तीनों बहादुरशाह जफर मार्ग से दिल्ली गेट जाने वाली सड़क पर पहुंच गए। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के गेट से थोड़ी दूर तीनों एक हाइमॉस्ट लाइट के पोल से जा टकराए। हादसा इतना जबरदस्त था कि स्कूटर का अगला हिस्सा डैमेज हो गया। सड़क पर करीब 10 मीटर तक खून फैल गया। वहां से गुजर रहे एक युवक ने राहगीरों की मदद से तीनों को ऑटो में डालकर अस्पताल पहुंचाया।