कटनी
देर रात सिहोरा से एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कटनी में माधवनगर सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद यहां पर वह भाजपा कार्यकर्ताओं से मिले। एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में  चौहान पत्रकारों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मप्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार अब तक की सबसे भ्रष्टतम सरकार है। जो मप्र को चील और कौंओं की तरह नोंच-नोंच कर खा रही है। चौहान ने इस दौरान कहा कि मप्र में पोषण आहार के बारे में जो फैसला लिया, वह लूट का पाप का उदाहरण है। चौहान ने बताया कि हमारी सरकार ने ठेकेदारों से पोषण आहार नहीं लेने का फैसला किया था। इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप में महिलाओं द्वारा पोषण आहार बनवाए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए महिलाओं के सात प्लांट तैयार करवाए गए थे। महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप पोषण आहार बनाने को तैयार थे।

यह फैसला इसलिए लिया गया था कि आंगनबाड़ी में दिए जाने वाले पोषण आहार में कोई दलाल नहीं रहेगा। लेकिन इस सरकार ने एमपी एग्रो के माध्यम से पोषण आहार ठेकेदारों के हवाले कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा किए जाने से सैकड़ों रुपए की लूट होगी। इस दौरान उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों ने सरकार का क्या बिगाड़ा है। कुपोषण आहार में सरकार जो कर रही है उससे बड़ा पाप कोई नहीं हो सकता है।

कर्जमाफी तो दूर, त्राहि-त्राहि मची

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस मप्र में चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची है। कर्जमाफी दूर तो रही। सोयाबीन और गेहूं के रुपए नहीं दिए जा रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार लेपटॉप नहीं दे रही है। मेधावी बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं। संबल योजना के तहत अंतिम संस्कार के लिए बनी योजना में 5 हजार दिए जाने थे। उन्होने आरोप लगाया कि यह सरकार अंतिम संस्कार के पैसे तक खा गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कर्मचारी थर-थर कांप रहे हैं। मप्र बना लूट का अड्डा है।

महाराष्ट्र पर भी बोले शिवराज

महाराष्ट्र पर शिवसेना की सरकार बनाने पर कहा सबसे बड़ी पार्टी हमारी है। 105 विधायक साथ में हैं और ये तीन टांगों की सरकार है। ये खिचड़ी कब तक पकेगी, अधकच्ची रह जाएगी।