नई दिल्ली
भारत ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में अब तक के सबसे अधिक नौ पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। पदक तालिका में भारत 24वें स्थान पर रहा। चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण, दो रजत और पांच कांस्य पदक सहित कुल नौ पदक जीते। भारतीय खिलाड़ियों ने इसके साथ ही तोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों के लिए 13 कोटे भी हासिल किए।

इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लंदन 2017 में था जहां देश के पैरा खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण सहित पांच पदक हासिल किये थे और टीम तालिका में संयुक्त 34वें स्थान पर रही थी। चीन 25 स्वर्ण सहित 59 पदक लेकर शीर्ष पर रहा। उसके बाद ब्राजील (39) और ग्रेट ब्रिटेन (28) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। भारतीय पैरालंपिक समिति के अंतरिम अध्यक्ष गुरशरण सिंह ने टीम के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने टोक्यो में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए कहा, 'मुझे आशा है कि सभी खिलाड़ी तोक्यो 2020 में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने भारत में पैरालंपिक आंदोलन को समर्थन और योगदान दिया है।'

इस दौरान संदीप चौधरी और सुमित ने एफ 64 भाला फेंक स्पर्धा में विश्व रिकार्ड बनाते हुए क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। सुंदर सिंह गुर्जर ने कंधे की चोट के बावजूद पुरुषों की एफ46 भाला फेंक स्पर्धा में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। ऊंची कूद (टी63) में शरद कुमार और टी मरियप्पन ने रजत और कांस्य पदक जीतकर अगले साल होने वाले टोक्यो पैरालंपिक के लिए क्वालीफाई किया।