रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने पार्टी से टिकट पाने के इच्छुक लोगों को कहा है कि उन्हें अपनी अर्जी के साथ ही पार्टी फंड में 51 हजार रुपये का ‘शगुन’ जमा कराना होगा। बता दें कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव में उतरने जा रही है।
जेएमएम के वरिष्ठ नेता विनोद पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी कोई कॉरपोरेट पार्टी नहीं है। उसे चुनाव लड़ने के लिए धन की आवश्यकता होगी और इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी टिकट के इच्छुक लोगों से सहयोग राशि के रूप में पार्टी फंड में 51 हजार रुपये जमा कराने को कह रही है। पांडेय ने कहा कि जेएमएम का यह फैसला नया नहीं है। पिछले चुनावों में भी जेएमएम ने टिकटार्थियों से सहयोग राशि ली थी।

पांडेय ने आगे कहा, 'चुनाव दर चुनाव यह राशि बढ़ाई गई है।' उन्होंने कहा कि प्रारंभ में यह सहयोग राशि पांच हजार रुपये थी। बाद में वह 10 हजार रुपये, फिर 15 और फिर 21 हजार रुपये हुई। उन्होंने कहा कि जेएमएम के उम्मीदवारों की पहली सूची शीघ्र जारी की जाएगी।

विपक्ष के सीएम कैंडिडेट बने हेमंत सोरेन
शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह और जेएमएम के हेमंत सोरेन ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ऐलान किया कि आरजेडी, कांग्रेस और जेएमएम मिलकर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने बताया कि राज्य की 81 सीटों में से जेएमएम 43 और कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, आरजेडी को सात सीटें दी गई हैं। आरपीएन सिंह ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन इस चुनाव को लडे़गा और वही मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे।

झारखंड में 81 सीटों वाली विधानसभा के लिए 30 नवंबर से 5 चरणों में चुनाव होंगे। नतीजे 23 दिसंबर को घोषित होंगे। इसके साथ ही सूबे में चुनाव आचार संहित लागू हो गई है। पहले चरण में 30 नवंबर, दूसरे चरण में 7 दिसंबर, तीसरे चरण में 12 दिसंबर, चौथे चरण में 16 दिसंबर और पांचवें व आखिरी चरण में 20 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। झारखंड की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म हो रहा है।