जबलपुर
साइबर पुलिस (cyber police) ने सनसनीखेज़ ख़ुलासा किया है. एक ही IMEI नंबर से करीब 1 लाख मोबाइल फोन (mobile phone) चलाए जा रहे थे. इनमें से 3 हज़ार उपभोक्ता तो सिर्फ जबलपुर के ही हैं. पुलिस ने मोबाइल फोन के दुकानदार को पकड़ा है. उसके पास से 125 मोबाइल फोन और मिले जो एक ही IMEI नंबर पर रजिस्टर्ड थे.

मोबाइल फोन का दुरुपयोग रोकने के लिए गाड़ियों की तरह मोबाइल फोन का भी अलग नंबर होता है. यूनिक आईडी यानि IMEI नंबर दिया जाता है. लेकिन बदमाशों ने इसका भी बेजा इस्तेमाल करने का तरीका खोज निकाला. एक ही IMEI नंबर से लाखों फोन रजिस्टर कर बेच दिए गए. जबलपुर की सायबर पुलिस को सूचना मिली थी कि जयंती कॉम्प्लेक्स में सिद्धि विनायक मोबाइल शॉप संचालक प्रदीप ठाकुर मोबाइल फोन के IMEI नंबर बदलकर बेच रहा है. जब इसकी जांच की गई तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आयी.

नामी कंपनी का नाम-एक नामी मोबाइल कंपनी के डेमो सेट के एक ही IMEI पर जबलपुर में करीब 3 हजार मोबाइल रजिस्टर किए गए. इनमें से 125 मोबाइल पुलिस ने इसी दुकान से ज़ब्त भी कर लिए. दुकानदार को गिरफ़्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है.

आईजी विवेक शर्मा ने बताया कि देशभर में एक ही IMEI नबंर के ऐसे करीब 1 लाख मोबाइल फोन इस वक्त चल रहे हैं. ये एक गंभीर अपराध है. इनमें से अभी तक करीब 50 हजार मोबाइल फोन का पता चल चुका है. हालांकि इनमें से किसी का भी आपराधिक वारदातों में इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसकी रिपोर्ट केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सहित संबंधित कंपनी को दी जा चुकी है.

यूनिक आईडी IMEI बदलना बेहद गंभीर अपराध है. IMEI नंबर बदलने पर 2017 में सरकार ने सज़ा का कानून भी बना दिया. लेकिन अब भी चोरी-छिपे यह गोरखधंधा चल रहा है. जिस कंपनी के मोबाइल फोन्स के IMEI नंबरों में ये गड़बड़ी की गयी है उसकी तरफ से अभी तक इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई है. सायबर पुलिस इसकी तह तक जाने का प्रयास कर रही है. सभी मोबाइल कंपनियों से जानकारी मांगी जा रही है.