ग्वालियर
राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट कभी भी फैसला सुना सकता है। इसके मद्देनजर ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खासकर राजस्थान व उत्तर प्रदेश से लगने वाली सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दोनों रेंजों के एÞिडशनल डीजी खुद सुरक्षा इंतजामों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। आज दोनों रेंजों के पुलिस कप्तानों की बैठक में फैसलों के बाद उत्पन्न संभावित हालातों व उसी हिसाब से सुरक्षा इंतजामों की तैयारी पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बीच शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया।

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी भी आ सकता है। अनुमान है कि चीफ जस्टिस 17 नवंबर को अपने रिटायरमेंट से पहले फैसला सुना देंगे। ऐसे में पूरे देश की तरह ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजस्थान के बार्डर से लगने वाले श्योपुर, मुरैना तथा यूपी बार्डर से लगने वाले दतिया व भिंड जिलों में खासी सुरक्षा है। यहां बाहर से आने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। वाहनों की भी तलाशी ली जा रही है। चंबल रेंज के आईजी व एडिशनल डीजी देवप्रकाश गुप्ता खुद हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ी तो धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की जाएगी। इधर ग्वालियर रेंज के ग्वालियर, शिवपुरी, गुना व अशोकनगर जिलों में भी कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एडीजीपी राजाबाबू सिंह निरंतर जिलों के पुलिस कप्तानों के संपर्क में हैं। इस बीच ग्वालियर में मंगलवार क फ्लैग मार्च निकाला गया।

इस बीच आज ग्वालियर व चंबल रेंज के पुलिस कप्तानों की हुई अलग-अलग बैठक में दोनों रेंज के एडीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों से अब तक के हालात की जानकारी ली। साथ ही असामाजिकतत्वों पर नजर रखने, उनके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने, संवेदनशील व धार्मिक स्थानों पर गश्त करने व निगरानी रखने के निर्देश दिए।

दोनों रेंजों में सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद भड़काने एवं आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सायबर एक्सपर्ट्स की टीम को इस काम पर लगाया गयाहै। पुलिस ने ऐसे कई लोगों को चिह्नि भी कर लिया है। जिन स्थानों पर पूर्व में सांप्रदायिक टकराव के हालत बने हैं वहां भी निगरानी रखी जा रही है।