गुना
मध्‍य प्रदेश के गुना में पुलिस प्रताड़ना (Police Torture) से तंग आकर 30 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली. मृतक अनिल जाटव (Anil Jatav) ने बजरंगढ़ की चोपेट नदी में कूदकर मौत को गले लगा लिया. मृतक पर आरोप था कि उसने सार्वजनिक स्थान (Public Place) पर शराब का सेवन किया था, जिसके चलते सिटी कोतवाली पुलिस ने अनिल के खिलाफ 34 (6) आबकारी एक्ट में मामला दर्ज किया था. एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लापता था और दो दिन बाद उसका शव चोपेट नदी में मिला. बताया जा रहा है कि मृतक भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव (MLA Gopilal Jatav) का करीबी रिश्तेदार था.

दरअसल, सिटी कोतवाली पुलिस ने अनिल के खिलाफ पब्लिक प्लेस में शराब पीने के कारण FIR दर्ज की थी. जबकि अनिल के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सिटी कोतवाली में पदस्थ एसआई कुशलपाल सिंह ने एफआईआर से बचाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी. इसके लिए अनिल ने अपनी पत्नी की चांदी की पायलें बेचकर 3 हजार रूपये इकठ्ठा किए और आरोपी पुलिस अधिकारी को रिश्वत के तौर पर दिए. लेकिन पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर अनिल एक टैक्सी में बैठकर आत्महत्या करने के लिए चोपेट नदी की तरफ चला गया. जबकि न्‍यूज़ 18 के हाथ अनिल का एक सीसीटीवी फुटेज भी लगा है, जिसमें वो नदी की तरफ जाता हुआ दिखाई दे रहा है.

इस मामले में आक्रोशित परिजनों एवं भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने शव को चौराहे पर रखकर चक्काजाम और हंगामा भी किया. परिजनों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग की और सब इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद एसपी राहुल लोढ़ा ने सब इंस्पेक्टर पर धारा 306 के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए लाइन अटैच कर दिया है. आरोपी पुलिस अधिकारी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद ही परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराया.