लखनऊ
पिछले दिनों भीमा-कोरेगांव हिंसा में कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सबको बोलने की और सब कुछ करने की आजादी है, लेकिन देश तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

उन्होंने 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के संबंध में कहा कि जिनकी गिरफ्तारी हुई है वे पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोप गंभीर हैं। किसी सरकार को गिराने की साजिश रचना, हिंसा को बढ़ावा देने के लिए अपनी विचारधारा का सहारा लेना और सबसे बड़ी बात किसी देश को तोड़ने के लिए साजिश रचना, मैं समझता हूं इससे बड़ा अपराध कुछ और नहीं हो सकता। इसलिए जो भी तथ्य सामने आए हैं उन्हीं तथ्यों पर महाराष्ट्र पुलिस ने कार्रवाई की है।

गृहमंत्री ने कहा कि कार्रवाई के बाद मैंने वहां के मुख्यमंत्री से बात की और पूरी जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्यों गिरफ्तारी की गई। अब मामला कोर्ट के विचाराधीन है। उनका यह बयान उच्चतम न्यायालय की पिछले दिनों आई टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आया माना जा रहा है, जिसमें शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा था कि असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वाल्व है और यदि आप इन सेफ्टी वाल्व की इजाजत नहीं देंगे तो यह फट जाएगा।

पाकिस्तान के साथ संबंधों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अच्छे रिश्तों के लिए सब कुछ किया लेकिन मैं कहता हूं कि पाकिस्तान को अपनी हरकतों से बाज आना पड़ेगा। पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते मूल्यों और रुपये के गिरने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि बढ़ते पेट्रोल के दाम का विकल्प हम लोग निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत की मुद्रा नहीं गिरी है। अन्य देशों की मुद्रा में भी गिरावट आई है।