नई दिल्ली 
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलगांव से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। आज जलगांव में अपना भाषण पूरा करने के बाद पीएम भंडारा के साकोली पहुंचे। यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। 

जलगांव में पीएम मोदी ने कहा था कि बीते कुछ महीनों में कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बयान देख लीजिए। जम्मू-कश्मीर को लेकर जो पूरा देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी सोच दिखती है। इनका तालमेल पड़ोसी देश के साथ मिलता जुलता है।
 

-यहां नई सुविधाओं का विकास जब होगा तो यहां के पर्यटन को चार चांद लग जाएंगे। इससे यहां के युवा साथियों को रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर भी मिलेंगे। मेरा यहां के युवा साथियों से आग्रह रहेगा कि गेस्ट हाउस, होम स्टे और कैंप साइट जैसे कारोबार से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें।

-ये पूरा क्षेत्र तो जंगलों से भरा है, तालों-तालाबों और झरनों से समृद्ध है। यहां पर्यटन के लिए भरपूर संभावनाएं हैं। आदिवासी समाज द्वारा तैयार होने वाले उत्पाद भी यहां भरपूर हैं। चुलबंद नदी और नागझीरा नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाना ज़रूरी है।

-आज भारत पर्यटन के मानचित्र पर तेज़ी से उभर रहा है। पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में टूरिस्ट भारत आ रहे हैं।कल ही मैं तमिलनाडु के महाबलीपुरम में था। वहां जब चीन के अतिथियों से, चीन के राष्ट्रपति से मेरी बातचीत हो रही थी तो वो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि से बहुत प्रभावित थे।

-आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, स्कूल , स्वास्थ्य और स्वरोज़गार पर तेज़ गति काम तेज़ी से चल पड़ा है। आदिवासी बच्चों की शिक्षा और उनकी स्किल को बढ़ाने के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

-लोकसभा चुनाव के दौरान हमने आपको आश्वस्त किया था कि पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में हर किसान परिवार को लाया जाएगा और छोटे किसानों को पेंशन की सुविधा से जोड़ा जाएगा। आज ये दोनों वायदे हकीकत में बदल चुके हैं।

-चाहे गरीबों के घर का निर्माण हो, शौचालय का निर्माण हो, एलपीजी गैस कनेक्शन हो, हर घर बिजली कनेक्शन हो, गरीबों को मुफ्त इलाज हो, हर परिवार का बैंक खाता हो, इन तमाम योजनाओं के केंद्र में गरीब है, सामान्य जन है।

-आज हमारी हर नीति, हर रणनीति- जनकल्याण से राष्ट्रकल्याण की है। जन अभियान से, राष्ट्रनिर्माण की है।

-वो व्यक्ति जिसके लिए कभी अपना घर सपना होता था, उसको पक्के घर का विश्वास भी मिला है और आस भी जगी है। वो गरीब जिसके लिए अस्पताल में जाकर इलाज करना असंभव लगता था वो आज अच्छे अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ ले पा रहा है।

-ये सच है कि आज महाराष्ट्र के गांव-गांव , घर-घर में शौचालय पहुंचे हैं। ये भी सच है कि आज महाराष्ट्र के गरीब से गरीब के घर भी रोशन हो रहे हैं। आज महाराष्ट्र का गरीब से गरीब बहनों की रसोई भी एलपीजी गैस पर पक रही है।

-ये आप लोगों का विश्वास ही है कि देवेंद्र फड़नवीस के रूप में युवा और मजबूत नेतृत्व महाराष्ट्र को मिला। वरसों बाद महाराष्ट्र को ऐसा नेतृत्व मिला है जिसे संपूर्ण महाराष्ट्र का स्नेह मिल रहा है। बांटने और छांटने वाली राजनीति अतीत हो गई है।