आजकल भागदौड़ और कॉम्पिटीटिव लाइफस्टाइल में स्ट्रेस और डिप्रेशन होना आम बात है। डिप्रेशन के मरीज को आमतौर पर ऐंटीडिप्रेसैंट दवाएं दी जाती हैं हालांकि लॉन्ग टर्म में इनके कई साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं। हाल ही में हुई एक छोटी स्टडी में यह बात सामे आई है कि ऐंटीडिप्रेसैंट्स जहां छह हफ्ते में असर दिखाना शुरू करती हैं वहीं डायट में सुधार करके डिप्रेशन में 3 हफ्तों में ही असर दिखाई देने लगता है।

यह स्टडी PLOS ONE में छापी गई इसमें 17 से 35 साल की उम्र के 76 आस्ट्रेलिया के लोगों को लिया गया था। उनमें हल्के डिप्रेशन के सिंपटम्स थे और वे प्रॉसेस्ड फूड और शुगर वाली डायट ले रहे थे।

हिस्सा लेने वालों को दो ग्रुप्स में बांटा गया। एक हिस्से ने रेग्युलर डायट ली और दूसरे को मील आइडियाज, शॉपिंग लिस्ट साथ ही टिप्स दिए गए कि डायट फॉलो करने में जो चैलेंजेज आएं उनसे कैसे निपटा जाए जैसे फ्रेश फ्रूट्स की कॉस्ट, टाइम प्रेशर, जंक फूड कम खाना वगैरह। इसमें उनको ज्यादा सब्जियां, फल, होलग्रेन, प्रोटीन, बिना मीठे डेयरी प्रॉडक्ट्स, फिश, नट्स, सीड्स, ऑलिव ऑइल, हल्दी और दालचीनी लेने के लिए कहा गया। तीन हफ्ते बाद इस ग्रुप में डिप्रेशन के लक्षण काफी कम देखे गए। साथ ही एंग्जाइटी और स्ट्रेस भी कम पाया गया। तीन महीने बाद ऐसे लोगों के मूड में काफी सुधार देखा गया।

    शराब और कॉफी दोनों ही लेना बंद कर दें।
    खूब पानी या स्किम्ड मिल्क पिएं।
    ज्यादा शुगर लेने से बचें।
    थोड़ा-थोड़ा लेकिन 2-2 घंटे के अंतर पर खाएं।
    जंक फूड से परहेज करें