Close X
Thursday, August 16th, 2018

पलायन का गढ़ कहा जाने वाला छत्तीशगढ़ आज विकास का गढ़ बन गया है- डॉ रमन सिंह

पलायन का गढ़ कहा जाने वाला छत्तीशगढ़ आज विकास का गढ़ बन गया है- डॉ रमन सिंह कहा- गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन रोशनी लाना सरकार का काम रायपुर, आशीष शर्मा। सरकार का काम पुल, सड़क, बड़े भवन, रोड बनाना ही नहीं बल्कि एक-एक व्यक्ति के जीवन को बेहतर करना है. गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में रौशनी लाना ही सरकार का काम है. उनके बच्चों को बढ़ाना उनके बच्चों को शिक्षा दिलाना, बीमा योजना, कन्यादान योजना से उनके जीवन को बदलना ही सरकार का काम है. सरकार का मतलब यही है कि हर घर में खुशी आए. मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सरकार के दायित्वों को लेकर यह बात इंडोर स्टेडियम में सीएम टिफिन योजना का शुभारंभ करते हुए कहा. 10 लाख 80 हजार मजदूरों को एक से डेढ़ महीने के भीतर टिफिन का वितरण किया जाएगा. योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि ये अनूठा कार्यक्रम है छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के लिए. 2005 में रोजगार गारंटी योजना एक्ट बना और 2006 में इसकी शुरुआत हुई. टिफिन मजदूरों को मिले इसकी सोच बिलासपुर जिले में बनी. डॉ रमन सिंह ने बताया कि विकासयात्रा के समय मैं बिलासपुर जिले के सुदूर गांव गया था वहां मनरेगा का कार्य देखेने के लिए गया था. खाने का समय हो गया था, अपने-अपने कपड़े में मोटरी बना कर कोई बर्तन में कोई प्लास्टिक में खाना लेकर पेड़ के नीचे बैठकर खाने लगे. मेरी भी इच्छा हुई कि खाऊं एक महिला खा रही थी मैने कहा कि तुम्हारा खाना कम हो जाएगा लेकिन मुझे भी खिलाओ.उसने अपने खाने से एक हिस्सा मुझे दिया और कहा खाना जुडा गया है। उसने मुझे खाना दिया मैं खाया, टमाटर की चटनी के साथ खाना बहुत ही स्वादिस्ट था. सबेरे से निकलते हैं वे घर से मैं उसी दिन निर्णय लिया कि इन मजदूरों को टिफिन दिया जाए ताकि उनका खाना सुरक्षित रह सके. 10 लाख 80 हजार लोगों को टिफिन दिया जाएगा. कुछ योजना दिल से बनती है उनमें से एक योजना यह है। यह मजदूर भाईयों बहनों के लिए बनाई गई है। सीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक योजना बनी चरण पादुका योजना. वन क्षेत्रों में रहने वाले तेंदू पत्ता तोड़ने वालों के लिए चरण पादुका के लिए मेरा मजाक उड़ाया गया लेकिन आज हर साल 14 लाख लोगों को चरण पादुका दी गई. मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना, चावल हो चना हो. इन योजनाओं ने छत्तीसगढ़ में पलायन रोका है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो 150 दिन रोजगार देता है मातृत्व अवकाश देता है। मैंने सोचा चावल देना, नमक देना पर्याप्त नहीं है। उसके परिवार में कोई बीमार हो गया संकट आ गया तो इलाज के लिए जब डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर ने पर्ची लिखी, हजार-पन्द्रह सौ की दवाई लगी। मैंने ऐसे लोगों के लिए के इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड योजना बनाई जिसमें इलाज के लिए 50 हजार रुपए मिलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मजदूरों को फिक्र नहीं करना है किसी को किडनी ट्रांसप्लांट कराना हो, लीवर का इलाज कराना हो, कैंसर हो जाए तो उसकी जमीन बिक जाती है, लेकिन इलाज नहीं हो पाता। मोदी जी ने आयुष्मान योजना शुरु की 5 लाख 40 हजार परिवारों का मुफ्त इलाज होगा ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। ये आने वाले 1 साल की योजना नहीं है, चुनाव की योजना नहीं है आने वाले 10 साल 20 साल के लिए ये योजना है। इस योजना को कोई बदल नहीं सकता,हमने चावल बांटा अब उसे कोई बदल नहीं सकता हमने कानून ही बना दिया। सीएम ने कहा सरकार का काम पुल, सड़क, बड़े भवन, रोड बनाना ही नहीं बल्कि एक-एक व्यक्ति के जीवन को बेहतर करना है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में रौशनी लाना ही सरकार का काम है। उनके बच्चों को बढ़ाना उनके बच्चों को शिक्षा दिलाना, बीमा योजना, कन्यादान योजना से उनके जीवन को बदलना ही सरकार का काम है। सरकार का मतलब यही है कि हर घर में खुशी आए। आने वाले एक डेढ़ महीने के भीतर सबको टिफिन दे दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ की 18 साल की उम्र हो गई है जिस छ्त्तीसगढ़ को पलायन का छत्तीसगढ़ कहा जाता था, जहां भूख से मौत होती थी वह छत्तीसगढ़ विकास का गढ़ बन गया है। हम मोबाइल बांट रहे हैं तो लोगों के पेट में दर्द हो रहा है ये स्वाभिमान की बात है 40 लाख बहनों को मोबाइल फोन बांटने की योजना है। गांव की महिलाएं भी मुझसे बात कर सकती हैं। अभी गांव की डोकरी महिलाएं मुझे फोन करती हैं मुझे धन्यवाद देती हैं कि उनकी वजह से वे अपने नाती से बात कर लेती है। उन्होंने कहा एक मजदूर क्या सोचता है पक्का घर होगा, बिजली होगी, घर के पास स्कूल-कालेज जहां उसके बच्चे पढ़ने जा सकेंगे, आवागमन के लिए बेहतर सड़क होगी, ये सब सरकार की जवाबदारी है 15 साल में हमने ये सारी जवाबदारी पूरी की है। 00000000
Source : Aashish sharma

संबंधित ख़बरें

आपकी राय

3 + 5 =

पाठको की राय