कैथल
हरियाणा के कैथल में चुनावी रैली के दौरान देश के गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राफेल के बहाने कांग्रेस पर जबरदस्त पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राफेल की पूजा का भी विरोध करती है। गृहमंत्री ने अनुच्छेद 370 पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, कांग्रेस बताए कि वह 370 हटाए जाने के विरोध में है या उसके पक्ष में है? गौरतलब है कि कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बाद अब वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राफेल लाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के फ्रांस दौरे और वहां किए पूजा-पाठ को तमाशा बताया है।

'अबकी बार, 75 पार' का नारा देते हुए शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में कल (मंगलवार को) राफेल का शस्त्र पूजन किया। कांग्रेस को यह पसंद नहीं आया। क्या विजयदशमी पर 'शस्त्र पूजन' नहीं किया जाता है? उन्हें (कांग्रेस) इस बात पर विचार करना चाहिए कब आलोचना करनी है और कब नहीं।'

'राफेल हमले के लिए नहीं, आत्मरक्षा के लिए'
इस दौरान गृहमंत्री ने कहा कि राफेल हमले के लिए नहीं, आत्मरक्षा के लिए है। उन्होंने आगे कहा, 'मैं देश के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को बधाई देता हूं कि उन्होंने राफेल को हमारी वायुसेना में शामिल करके, देश की सुरक्षा को सुदृढ़ करने का काम किया है।'

"अभी-अभी चुनाव शुरू हुआ है और हमारे विरोधियों को मालूम ही नहीं पड़ रहा कि चुनाव की शुरुआत पूरब से करें, पश्चिम से करें, उत्तर से करें या दक्षिण से करें। उनके पास कोई दिशा नहीं है।"-अमित शाह

'शस्त्र पूजा का विरोध क्यों'
इस दौरान शस्त्र पूजा पर कांग्रेस की तरफ से सवाल उठाए जाने को लेकर भी शाह ने घेरा। उन्होंने कहा, 'मंगलवार को विजयदशमी थी, जो बुराई पर अच्छाई की प्रतीक है और यह शस्त्र पूजन करके मनाई जाती है। मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस शस्त्र पूजा का विरोध क्यों करती है।'

'विपक्ष के पास कोई दिशा नहीं'
विपक्ष पर तंज कसते हुए शाह ने कहा, 'अभी-अभी चुनाव शुरू हुआ है और हमारे विरोधियों को मालूम ही नहीं पड़ रहा कि चुनाव की शुरुआत पूरब से करें, पश्चिम से करें, उत्तर से करें या दक्षिण से करें। उनके पास कोई दिशा नहीं है।'

370 के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
370 के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, 'पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अनुच्छेद 370 को उखाड़ कर फेंक दिया। 70 साल से देश के हर नागरिक के मन में एक कसक थी कि जम्मू-कश्मीर देश के साथ पूरा जुड़ा हुआ नहीं था। तीन-तीन पीढ़ियों तक शासन करने वालों में भी 370 हटाने की हिम्मत नहीं थी।'