पटना
पटना (Patna) से सटे मनेर में एक बहुत बड़ा नाव हादसा (Boat Accident) हुआ है. बालू लदी नाव मनेर और डोरीगंज के सीमा पर नाथपर गांव के पास की पलट गई. इस दौरान नाव पर सवार 19 मजदूर गंगा (Ganga) की तेज धार में बहने लगे. नाव पलटने के बाद गंगा की धार में बह रहे 19 में से 16 मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाई और दूसरे नाव पर सवार हो गए जबकि तीन मजदूरों का अभी तक लापता है. ये बड़ा नाव हादसा हल्दी छपरा के संगम वाली जगह पर हुआ है जहां सोन और गंगा का पानी एक में मिलता है.
 
नाव का पलटना नदी के तेज बहाव और संगम वाली जगह पर पानी के टकराने से उत्पन्न हुआ उछाल बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. दशहरा वाले दिन हुए इस हादसे में खुशी का माहौल एकाएक मातम में बदल गया. इस घटना के बाद से सरकारी महकमे में भी हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही तुरंत मनेर थाने की पुलिस और अंचलाधिकारी गांव में पहुंची और मामले की जानकारी ली.

इस दौरान पुलिस ने बाहर निकले लोगों से पूछताछ की और लापता लोगों के बारे में जानकारी ली. पहले चार लोगों के लापता होने की सूचना मिल रही थी लेकिन मनेर अंचलाधिकारी ने बताया कि तीन लोग ही लापता हैं. हादसे के दूसरे दिन बुधवार की सुबह भी लापता हुए लोगों की तलाश की जा रही है लेकिन अब तक उनका सुराग नहीं मिल सका है. लापता मजदूरों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम लगी हुई है. जिस इलाके में ये हादसा हुआ है उसे बालू तस्करों का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता है.