पैरिस 
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से बार-बार युद्ध की धमकी दे रहे पाकिस्तान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए चेतावनी दी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने आजतक न तो किसी देश पर हमला किया है और न ही किसी की एक इंच जमीन तक पर कब्जा किया है लेकिन अगर किसी ने हमें अस्थिर करने की कोशिश की तो उसकी खैर नहीं है। बता दें कि 5 अगस्त को आर्टिकल 370 को बेअसर किए जाने के बाद से पाकिस्तान कश्मीर को लेकर दुनिया भर में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। कश्मीर पर दुष्प्रचार के ही अजेंडे के तहत उसके प्रधानमंत्री इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा फिलहाल चीन के दौरे पर हैं। 

फ्रांस में देश के पहले राफेल फाइटर जेट को रिसीव करने और उसमें उड़ान भरने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राफेल से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में इजाफा होगा। रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि अब हम एक साथ हवा और जमीन में मार कर सकते हैं। हम जो भी सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए करते हैं, उसके पीछे हमारा उद्देश्य आत्मसुरक्षा का है। उन्होंने कहा कि भारत का चरित्र ऐसा रहा है कि भारत न तो किसी देश पर आक्रमण किया है, न तो किसी देश के संप्रभुता पर चोट पहुंचाई है और न ही दुनिया के किसी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन आत्मसुरक्षा का हमारा अधिकार तो है ही। उन्होंने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो हमें आंख दिखाएगा या हमें अस्थिर करने की कोशिश करेगा तो उसका जवाब तो देना ही पड़ेगा। 

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमारी वायुसेना दुनिया में चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है और मेरा मानना है कि राफेल मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट भारतीय वायुसेना को और मजबूती प्रदान करेगा। यह हमारी हवाई क्षमता को बढ़ाते हुए क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया है कि फ्रेंच शब्द 'राफेल' का अर्थ ‘आंधी’ है। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि विमान अपने नाम को सार्थक करेगा।' रक्षा मंत्री ने बताया कि फरवरी 2021 तक 18 राफेल भारत पहुंच जाएंगे। हर महीने एक राफेल एयरफोर्स में शामिल होती चली जाएगी और फरवरी-मार्च 2022 तक पूरी 36 राफेल आ जाएंगे। 

दूसरी तरफ, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा ने बताया कि वायुसेना के लिए खरीदा गया राफेल विमान पंजाब के अंबाला में और पश्चिम बंगाल के हसीमरा में भारत की हवाई क्षमता को बढ़ाएगा। इनमें से 4 विमानों की पहली खेप अगले साल मई में भारत पहुंचेगी। तबतक ये विमान प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए फ्रांस में ही रहेंगे। अरोड़ा ने कहा, 'यह भारतीय वायु रक्षा के लिए अबतक का सबसे शक्तिशाली सैन्य साजोसामान है।'