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Tuesday, August 14th, 2018

चंद पैसों के लिए शेख से किया भारतीय महिला का सौदा, सुनार्इ रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तां

पटियाला
जहां पूरे पंजाब में लड़कियों की स्मगलिंग करके दुबई और आसपास के देशों के शेखों को बेचने की आए दिन खबरें मुख्य सुर्खियों में रहती हैं, वहीं मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के शहर की एक बच्चे की मां नीतू निवासी जय जवान कालोनी पटियाला 9 महीने के संघर्ष के बाद शेख के चंगुल में से बच कर आई है। 

नौकरी का झांसा देकर भेजा गया था दुबर्इ
नीतू ने अपनी पूरी कहानी एस.एस.पी. को लिख कर शिकायत की और जिन व्यक्तियों की तरफ से उसको झूठ बोल कर दुबई भेजा गया, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पंजाब केसरी के दफ्तर पहुंच कर आज नीतू ने अपने साथ हुए अत्याचारों की कहानी बताते हुए कहा कि उसे अक्तूबर 2017 में पटियाला के एक गिरोह की तरफ से दुबई में 30-40 हजार रुपए महीने की नौकरी का झांसा देकर भेजा गया, वहां एयरपोर्ट पर जाते ही उसका पासपोर्ट छीन लिया गया और 20 दिन दुबई में इस गिरोह की एजैंट ने रखा। इसके बाद ओमान में शिफ्ट कर दिया गया, जहां एक शेख को बेच दिया गया।

अमनजोत कौर ने दिखाया उनके परिवार को सही रास्ता
बदले में गैंग की तरफ से पैसे वसूल किए गए। इस बात का पता उसे तब लगा जब उसने शेख के अत्याचारों से तंग आकर अपने घर वापस जाने की इच्छा व्यक्त की तो शेख ने बताया कि उसे वह खरीद कर लेकर आया है। इसके बाद उस पर अत्याचार किए गए, उसका शारीरिक शोषण किया गया, उससे मारपीट की गई। किसी न किसी तरह उसने अपने परिवार को वहां से संपर्क  किया और परिवार ने बलवंत सिंह रामूवालिया की बेटी अमनजोत कौर के साथ संपर्क  किया और अमनजोत कौर ने उनके परिवार को सही रास्ता दिखाया तब उसकी वापसी में मदद की। इस दौरान वह चार दिन ओमान के पुलिस स्टेशन में भी रही। 

लड़कियों की स्मगलिंग करके लाया जाता है दुबर्इ
नीतू ने बताया कि पंजाब और बाकी देशों से लड़कियों की स्मगलिंग करके लाया जाता है और वहां बाकायदा मंडी लगा कर बेच दिया जाता है। न उनको पूरा खाना मिलता है, न पैसे मिलते हैं और न ही घर से बाहर जाने की आजादी। नीतू ने इस संबंधी एस.एस.पी. को शिकायत करने का दावा किया है, जिसमें पटियाला की 2 लड़कियां और एक व्यक्ति का नाम बताया गया है, जिनकी तरफ से उसे झूठ बोल कर दुबई भेजा गया था और आगे उसे शेखों के हवाले कर दिया गया। नीतू ने एस.एस.पी. से मांग की कि उसे नर्क में धकेलने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नीतू यहां एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी, उसका एक 12 साल का बच्चा है, अधिक पैसे कमाने के लालच में आकर वह विदेश गई, जहां उसने 9 महीने तक नर्क भोगा। 

Source : Agency

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