हॉन्ग कॉन्ग
चीनी सरकार द्वारा लाए गए प्रत्यर्पण बिल का विरोध हॉन्ग कॉन्ग में थमने का नाम नहीं ले रहा है। विरोध को करीब 100 दिन बीत चुके हैं। इस बीच मेंढक की तस्वीरें, खिलोने, टोपियां विरोध का नया चेहरा बन चुकी हैं। यह मेंढ़क मशहूर Pepe the Frog है जिसका डॉनल्ड ट्रंप ने भी अपने कैंपेन में इस्तेमाल किया था, जिसका उनके सामने खड़ीं हिलेरी क्लिंटन ने विरोध भी किया था। अब इस मेमे के इस्तेमाल पर नई डिबेट छिड़ गई है।

कौन है पेपे द फ्रॉग
पेपे द फ्रॉग मशहूर कार्टून कैरेक्टर है। इसे कॉमिक सीरीज ब्यॉज क्लब में इस्तेमाल किया था। कैरेक्टर को मैट फ्यूरी नाम के शख्स ने बनाया था। इस फ्रॉग के दुखी, खुश, गुस्से से भरे चेहरे वाले अलग-अलग फोटोज इंटरनेट पर मिल जाएंगे।

Alt-right मुहिम का चेहरा
पेपे फ्रॉग की शुरुआत कार्टून कैरेक्टर के रूप में जरूर हुई। लेकिन धीरे-धीरे इसकी पहचान बदल गई। विवादित 'अल्टरनेटिव राइट' मुहिम का भी यह चेहरा बन गया था। इसे 2010 के बाद चलाया गया था। यह मुहिम श्वेत लोगों द्वारा चलाई गई थी। यह ऐंटी इमिग्रेंट पॉलिसी के सपॉर्ट में थी, जिससे यूएस में श्वेत लोगों की बहुलता बनी रहे। पेपे फ्रॉग को ऐंटी डेफमेशन लीग ने हेट सिंबल का दर्जा भी दिया था।
 
हॉन्ग कॉन्ग में इस्तेमाल हो रहा 'सेड पेपे'
हॉन्ग कॉन्ग में प्रदर्शनकारियों द्वारा सिर्फ दुखी मेंढक वाली तस्वीरें इस्तेमाल हो रही हैं। लोग इसकी टोपियां पहन रहे हैं। इसे दीवारों पर बना रहे हैं। नेल पॉलिश तक पर यह दिख रहा है। विरोध में शामिल एक शख्स ने कहा, 'पेपे के क्रिएटर ने उन्हें मार दिया था, लेकिन वह अब फिर यहां जिंदा है।' प्रदर्शनकारी इसे अपने प्रतिरोध का अपरिवर्तनीय प्रतीक मान रहे हैं। एक अन्य शख्स ने कहा, 'अमेरिका में यह नफरत का प्रतीक हो गया है, लेकिन यहां यह प्यार और आजादी का प्रतीक है।'

बता दें कि इस कार्टून कैरेक्टर को मैट फ्यूरी ने आधिकारिक रूप से 2017 में अपनी कॉमिक्स में मार दिया था। तब वह इसके हेट सिंबल बनने से नाराज थे। हालांकि, हॉन्ग कॉन्ग में इसके इस्तेमाल पर उन्होंने खुशी जताई है।