दुनिया में ऐसे कई आइलैंड हैं, जो किसी न किसी वजह से प्रसिद्ध हैं। इनमें से कई ऐसे आइलैंड भी हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने जाते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जहां जाने की इजाजत किसी को भी नहीं है। एक ऐसा ही आइलैंड आइसलैंड में है, जिसका निर्माण साल 1963 में हुआ था।  

आइसलैंड के दक्षिणी तट से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस छोटे से आइलैंड का नाम सुर्तेसी द्वीप है। यह दुनिया के सबसे कम उम्र वाले द्वीपों में से एक है, जिसकी उम्र 56 वर्ष है।

सुर्तेसी आइलैंड का निर्माण पानी के अंदर ज्वालामुखी विस्फोट से हुआ था। पिघलता हुआ लावा जमा होकर एक टीले के रूप में उभर गया और 14 नवंबर, 1963 को आधिकारिक तौर पर इस आइलैंड का निर्माण हो गया। नॉर्वे की पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस आइलैंड का नाम आग के देवता सुर्तुर के नाम पर रखा गया था।

जब इस आइलैंड का निर्माण हुआ था, तब फ्रांस के तीन पत्रकारों की एक टीम ने इसकी धरती पर कदम रखने की हिम्मत की थी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद वो वहां से चले गए थे। उनके जाने के बाद आइलैंड पर भयंकर विस्फोट हुआ था।

वैसे तो इस आइलैंड पर कई तरह के पक्षी और जीव रहते हैं, लेकिन यहां इंसानों को आने की इजाजत नहीं है। यहां सिर्फ कुछ ही वैज्ञानिकों को आने की इजाजत है और वो भी यहां आने से पहले अच्छी तरह जांच करते हैं। उन्हें इस आइलैंड पर किसी भी तरह का कोई बीज लाने की इजाजत नहीं है।

कुछ सालों पहले इस आइलैंड पर टमाटर के पौधे उगने लगे थे, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान थे। हालांकि बाद में उन्हें वहां से हटा दिया गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आइलैंड यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।

इस आइलैंड का उपयोग अब वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाता है। दरअसल, वैज्ञानिक यहां यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना किसी मानवीय प्रभाव के एक पारिस्थितिकी तंत्र कैसे बनता है।