शारदीय नवरात्रों का समय बेहद शुभ होता है। नवरात्रि में मां भगवती की पूजा आराधना के साथ वातावरण बेहद पवित्र होता है। इस समय देवी की पूजा करते समय अगर वास्तु के सरल उपायों को अपनाया जाए तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं देवी आराधना की इन नौ रातों के में आप किस तरह के वास्तु उपाय करके अपने घर में सुख, समृद्धि और शांति ला सकते हैं।

देवी के स्वागत से पहले घर में विशेष साफ-सफाई कर लें। अपने घर से फालतू का सामान जैसे पुराने जूते-चप्पल आदि को निकाल कर बाहर कर दें। गंदगी बिल्कुल ना करें। धूप दीप से वातावरण को सुंदर बनाएं।
पूजा स्थल के आसपास गंदगी ना करें।

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मंदिर का झंडा उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा होना चाहिए। मां दुर्गा की प्रतिमा दक्षिणामुखी होनी चाहिए, लेकिन पूजा स्थल के नियम मंदिर से अलग होते हैं इसलिए घर में आराधना पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही करनी चाहिए।

नवरात्रि में देवी की आराधना के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा को उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।
अखंड ज्योत को दक्षिण-पूर्व दिशा में जलाएं।

पूजा में उपयोग होने वाले घड़े को लकड़ी के पटे पर रखें।
पूजा से पूर्व हल्दी या कुंकुंम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाए। इससे पूजा स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

जिस स्थान पर भगवती की आराधना हो वहां पर सजावट का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
पूजा कक्ष की सजावट करते समय रंगों का विशेष ध्यान रखें। वहां पर सफेद, हल्का पीला, हरा आदि जैसे हल्के रंगों का पेंट करना चाहिए।
मां की पूजा करते समय लाल रंग के ताजे फूलों का इस्तेमाल करें।