मंदसौर
इस बार भयावह बाढ़ (Flood in madhya pradesh) और बर्बादी झेल चुके मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच ज़िले (mandsaur and neemuch)का सीएम कमलनाथ (cm kamalnath)आज दौरा कर रहे हैं. वो यहां पर बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलेंगे और नुकसान का जायज़ा लेंगे. मंदसौर वो ज़िला है जहां बाढ़ में इस बार 44 लोगों की मौत और 27 हज़ार कच्चे मकान पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं.

सीएम कमलनाथ बाढ़ में बर्बादी झेल रहे मंदसौर और नीमच में पीड़ितों से मिलकर हालात का जायज़ा ले रहे हैं. गांधी सागर बांध की रिंगवाल टूटने से नीमच ज़िले का रामपुरा कस्बा पूरा पानी में डूब गया था और करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री कमलनाथ रामपुरा में बाढ़ पीड़ित लोगों से मुलाकात करने के साथ ही वहां पर प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट भी तलब करेंगे.

हालात का ज़ायज़ा-मुख्यमंत्री कमलनाथ मंदसौर के बाढ़ प्रभावित गांव पायाखेड़ी और बाढ़ से तबाह हुए गांव का जायज़ा लेंगे. साथ ही बाढ़ पीड़ित लोगों से मुलाकात भी करेंगे. इसके बाद वे कयामपुर में आम लोगों से मिलेंगे. मुख्यमंत्री कमलनाथ कयामपुर गांव में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही एक बैठक भी लेंगे और बाढ़ से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट अधिकारियों से लेंगे.

करोड़ों का नुक़सान-मंदसौर जिले में बाढ़ के कारण लगभग 273000 हेक्टेयर की सोयाबीन फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है.साथ ही उड़द,मूंग, मक्का और अन्य फसलें भी ख़राब हो गयी हैं. अभी तक का जो आंकलन हुआ है उसमें जिले में 31 करोड़ की सरकारी संपत्ति के नुकसान का अनुमान है. इस साल भारी बारिश में 44 लोगों की मौत हो चुकी है और 27000 कच्चे मकान पूरी तरह से ढह गए हैं.11000 पक्के मकानों की क्षति हुई है. लगभग 700 मवेशी बाढ़ में बह गए.

सर्वे जारी- लोगों की निजी चल अचल संपत्ति का सर्वे अभी चल रहा है जिसकी रिपोर्ट आज अधिकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंप सकते हैं.अकेले मंदसौर जिले में बाढ़ के कारण लगभग डेढ़ सौ करोड़ के नुकसान का अनुमान है.