बिंदकी (फतेहपुर)।
यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति के खिलाफ रेप पीड़िता की बेटी ने अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता के समझौते से नाखुश युवती ने ही गायत्री के खिलाफ आवाज उठाई और जमानत निरस्त कराई थी। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी डीआईजी बांदा को सौंपी है।

चित्रकूट निवासी महिला के साथ कथित रेप के आरोपित गायत्री प्रजापति का प्रकरण फिर गरम हो गया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने गायत्री से समझौता किया लेकिन उसकी शादीशुदा बेटी रजामंद नहीं थी। तीन दिन बाद बुधवार को मामले की सुनवाई को सुरक्षा के लिए पीड़िता की बेटी रविवार को डीआईजी बांदा से मिलने जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में उसे अगवा करने का प्रयास किया गया। उसने बिंदकी थाने में गायत्री के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। युवती के मुताबिक वह कार से डीआईजी के पास जा रही थी।

बिंदकी से चार किलोमीटर आगे किसी काम के लिए उसने कार रुकवाई, उसी दौरान सफेद रंग की गाड़ी आकर रुकी। बेटी के अनुसार गाड़ी से गायत्री प्रजापति का बेटा अनिल, उसका साथी अशोक उतरे और उसे गाड़ी में घसीट लिया। उसे उठाकर ले जा रहे थे तभी वहां से गुजर रहे बाइक सवार शक होने पर रुक गए। इससे घबराकर दोनों ने उसे छोड़ दिया और गाड़ी से भाग निकले।