लखनऊ 
हुसैनगंज के महाराणा प्रताप चौराहे पर रविवार रात वाहन चेकिंग के दौरान हुए मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया। चेकिंग के दौरान ओरिजनल पेपर न होने पर बाइक सवार ने अपनी बहन को कागज लेकर बुलाया था। कागज लेकर पहुंची महिला से पुलिस की नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इस दौरान महिला सिपाही ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इससे नाराज परिवारीजनों व स्थानीय लोगों ने चौराहे पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस से धक्कामुक्की कर दी।

जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। एसएसपी ने सीओ कैसरबाग को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कैसरबाग के मॉडल हाउस निवासी अजमल की जूतों की दुकान है। रविवार रात वह बाइक से कुछ सामान लेने निकला था। महाराणा प्रताप मार्ग पर चेकिंग कर रही कैसरबाग पुलिस ने उसे रोक लिया। पुलिस ने उससे बाइक के पेपर मांगे।  अजमल के मुताबिक उसके पास पेपर की फोटोकॉपी थी, जिसे पुलिस ने मानने से इनकार कर दिया। इस पर उसने अपनी बहन नेहा शर्मा को फोन करके बाइक के मूल कागज लेकर बुलाया। नेहा कागज लेकर मौके पर पहुंची। इस दौरान उसकी पुलिस कर्मियों से नोकझोंक हो गई। नेहा का आरोप है कि कैसरबाग थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने उसे थप्पड़ जड़ दिया और विरोध करने पर उसके भाई अजमल को हुसैनगंज कोतवाली ले जाकर पीटा गया। 

उग्र लोगों ने पुलिस को घेरा 

नेहा ने परिजनों व परिचितों को फोन करके इसकी सूचना दे दी, जिसके बाद सैकड़ों की तादाद में लोग जमा हो गए। लोगों ने महाराणा प्रताप चौराहे पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे की सूचना पर कैसरबाग, अमीनाबाद, नाका, हजरतगंज और हुसैनगंज थाने की फोर्स बुला ली गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह शांत नहीं हुए। 

महिलाओं पर भी बरसाई लाठियां  

हंगामा बढ़ने पर कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों से धक्कामुक्की कर दी। इस पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। महिलाओं और अधेड़ उम्र के लोगों पर भी पुलिस की लाठियां बरसी। लोगों का कहना है कि लाठीचार्ज में एक दर्जन लोग घायल हो गए जिन्हें पुलिस ने अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। रात 8:30 बजे शुरू हुआ बवाल करीब 11:30 बजे तक चला। तीन घंटा चले प्रदर्शन और हंगामे से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।