ग्वालियर
इकलौते बेटे ने अपने ही घर की अलमारी से लाखों रुपए के गहने चोरी कर स्कूल बैग में रखे और सड़क किनारे एक पेड़ पर टांग दिए।  जब माता पिता ऑफिस से घर लौटे तो घर में चोरी होने की सूचना थाटीपुर पुलिस को दी। पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की तो चोर बेटा निकला। पुलिस ने जब उससे कड़ाई से पूछा तो उसने पूरी कहानी सुना दी। आरोपी ने बताया कि चोरी के गहने बेचकर गोवा जाने की तैयारी में था। आरोपी 12 वीं का छात्र है और स्मैक का नशा करने का आदी है।

थाटीपुर थाना क्षेत्र में जिला पंचायत भवन के सामने स्थित शासकीय क्वार्टर में अर्जुन राव शिंदे और उनकी पत्नी शशि शिंदे रहते हैं । दोनों ही पीएचई विभाग में क्लर्क हैं। घर में उनके अलावा इकलौता 18 साल का बेटा हर्ष रहता है। हर्ष 12वीं क्लास में पढ़ता है। मंगलवार सुबह  पति पत्नी घर से ऑफिस निकल गए । घर पर हर्ष अकेला था। शाम को जब दोनों घर लौटे तो बेटा नहीं था। वह पड़ोसियों से खेलने जाने की कहकर निकल गया था। शशि जब अंदर पहुंचीं तो अलमारी का लॉक टूटा पड़ा दिखाई दिया। अलमारी के लॉकर से करीब 3 लाख के गहने गायब थे। । इस पर दोनों थाटीपुर थाने पहुंचे और चोरी होने की शिकायत की। दिनदहाड़े शासकीय क्वार्टर में चोरी की घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि घर के मुख्य दरवाजे के ताले नहीं टूटे हैं। घर के अंदर किसी को आते जाते भी नहीं देखा गया है। पुलिस ने जब आसपास पूछ ताछ की तो पता चला कि शिंदे दंपति का इकलौता बेटा 12वीं का छात्र जरूर है पर स्मैक के नशे का आदी है। घटना के समय वह घर पर अकेला था। इसके बाद पुलिस ने हर्ष को बुलाकर  पूछताछ की तो वह दोपहर 2 बजे घर से खेलने जाने की बात कहने लगा । लेकिन पुलिस को उसकी बॉडी लेंग्वेज और कहानी पर संदेह  होने लगा । पुलिस ने जब उसके दोस्तों से पता किया तो दोपहर में वह बैग लेकर जाता दिखा और कुछ देर बाद खाली हाथ आते देखे जाने की बात पता चली। जांच पड़ताल। के दौरान पुलिस को एक पेड़ पर बैग टंगा दिखा। पुलिस ने पेड़ से बैग उतारा तो उसमें चोरी किये गए जेवर मिल गए। जब पुलिस ने हर्ष से पूछताछ की तो छात्र ने सबकुछ कबूल कर लिया। छात्र ने बताया कि उसने ही जेवर चोरी कर छिपाए थे। रात होने पर वह जेवर का बैग उतारकर गोवा भागने की तैयारी में था। वहां कुछ दिन मौज करने की योजना थी।  पुलिस ने  कागजी कार्रवाई पूरी कर हर्ष को कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।