रायपुर
 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को टीचर की भूमिका में होंगे। वे वैशाली नगर स्कूल में बच्चों को छत्तीसगढ़ी में भौंरा नामक पाठ पढ़ाएंगे और बच्चों के साथ भौंरा चलाने की गतिविधि और किसका भौंरा ज्यादा देर तक टिक पाता है यह सब करते हुए भाषा और गणित को एक साथ कैसे पढ़ाया जाता है, इसे बताएंगे। इसके साथ ही नींव कार्यक्रम संबंधित सामग्री और भाषा पिटारा का विमोचन करेंगे तथा नींव कार्यक्रम की कक्षा का अवलोकन करेंगे।

 भाषा एवं साक्षरता संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए एलएल एफ ने ‘भाषा पिटारा’ तैयार किया है। इस संग्रह में प्रारंभिक भाषा शिक्षण से जुड़े कुल 10 मुख्य विषयों (मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरूकता, उभरती साक्षरता, शब्द भंडार, डिकोडिंग, पठन और उसकी रणनीतियां, पढ़ कर समझना, लेखन सीखना और अकादमिक सहयोग) पर 48 हैण्ड आउट और 4 गतिविधि संग्रह हैं।

 यह कार्यक्रम राजीव गांधी शिक्षा मिशन एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् रायपुर द्वारा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के साथ मिलकर दुर्ग जिले के दो ब्लॉक (पाटन और दुर्ग) के 200 स्कूलों में शुरू किया है, जिससे इस वर्ष के अंत तक 4 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। यह कार्यक्रम वर्ष 2021 तक दुर्ग जिले के लगभग सभी स्कूलों में संचालित किया जाना है, जिससे लगभग 20 हजार बच्चों को लाभ मिलेेगा।  

कार्यक्रम से बच्चों के हिंदी भाषा विकास और साक्षरता कौशलों में विशेष सुधार होगा। कक्षा 2 के अंत तक बच्चे उभरते हुए ऐसे पाठक के तौर पर आएंगे जो अपने स्तर के पाठ प्रवाहपूर्वक पढ़ सकेंगे और अपने अनुभव के आधार पर उससे अर्थ निर्माण कर पाएंगे। साथ ही अपने अनुभव, विचार, कल्पना, और भाव को वाक्यों में लिखने में सक्षम होंगे।

मुख्यमंत्री शाला के अटल टिंकरिंग लैब का उद्घाटन के साथ ही वहां बच्चों से विज्ञान शिक्षण के बारे में बात करेंगे और उन्हें विभिन्न प्रयोग करते हुए देखेंगे और समझने का प्रयास करेंगे। इस दौरान राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयनित बच्चों के साथ चर्चा भी करेंगे।