पटना 
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह किसी भी हाल में भाजपा और जदयू के साथ नहीं जा सकते। पार्टी के अल्संख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में उन्होंने साफ कहा कि मेरे शरीर में लालू प्रसाद का रक्त है। मनुवादी या साम्प्रदायिक शक्ति से कोई समझौता नहीं कर सकता। जनादेश न मानने वालों के भी साथ नहीं जा सकते। 

अपने आवास एक पोलो रोड पर आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, गरीबी, मंगाई, आर्थिक मंदी पर बात नहीं होती है। लोगों को असल मुद्दे से भटकाया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। लालू प्रसाद ने अपने विचार और सिद्धांत से समझौता नहीं किया। राज्य का वातावरण खराब करने वाले आरएसएस, बजरंगदल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को बिहार आने की अनुमति नहीं दी।

आज देश में मॉब लंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ लोगों के मन मे जहर घोले जा रहे हैं। समाज में जहर घोलने वालों को सत्ता से बाहर करना है। इसके लिए राजद संगठन को मजबूत करें। हर वर्ग को अधिक से अधिक जोड़ें। गरीब, उपेक्षित, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को गले लगाएं।

संगठन को मजबूत करेंगे तो चुनाव में कोई हरा नहीं सकेगा। राजद के शासन में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक आयोग का गठन हुआ। कब्रिस्तानों की घेराबंदी, अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण हुआ। अपल्पसंख्यकों को सत्ता व समाज में उचित भागीदारी दी गई। अध्यक्षता विधायक अख्तरुल ईमान शाहीन ने की। विधायक अबु दुजाना ने भी संबोधित किया।