नाइटफॉल यानी वेट ड्रीम्स या स्वप्नदोष...यह एक ऐसी समस्या है जो युवाओं में सबसे ज्यादा आम है और इसकी वजह से वे हीनभावना से ग्रस्त हो जाते हैं। इस चक्कर में वे किसी को भी इस बारे में नहीं बताते। नाइटफॉल ऐसी स्थिति है जिसमें सोते-सोते या कोई इरॉटिक सपना देखते या विचार आते ही इजैक्युलेशन हो जाता है। आज हम आपको नाइटफॉल यानी स्वप्नदोष से जुड़े कुछ मिथक और उनकी सच्चाई के बारे में बताएंगे...


कई लोग मानते हैं कि स्वप्नदोष सिर्फ पुरुषों में ही होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। महिलाओं में भी नाइटफॉल होता है, जिसकी वजह से उन्हें ऑर्गेजम होता है।

नाइटफॉल से घट जाता है स्पर्म काउंट
ज्यादातर लोगों का मानना है कि नाइटफॉल से स्पर्म काउंट घट जाता है। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, नाइटफॉल यानी स्वप्नदोष असल में एक प्रक्रिया होती है जिसके जरिए टेस्टिकल्स पुराने स्पर्म को बाहर निकालते हैं ताकि नए और हेल्दी स्पर्म बन सकें।

सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव
ऐसा बिल्कुल नहीं है। नाइटफॉल से सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता और न ही इससे इरेक्शन संबंधी कोई परेशानी होती है।

​नाइटफॉल से पीनिस सिकुड़ जाता है
कई लोग मानते हैं कि नाइटफॉल यानी स्वप्नदोष से पीनिस का साइज सिकुड़ जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। सेक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे पीनिस सिकुड़ता नहीं और सेक्शुअल हेल्थ मेल सेक्स ऑर्गन पर निर्भर नहीं करती।

​नाइटफॉल सिर्फ यौवनावस्था में होता है
नाइटफॉल सिर्फ यौवनावस्था में ही नहीं बल्कि उसके बाद भी हो सकता है। हालांकि यौवनावस्था में यह ज्यादा प्रबल होता है क्योंकि उस वक्त हॉर्मोन्स में तेजी से बदलाव आता है।

​नाइटफॉल हुआ है तो कोई बीमारी होगी
ऐसा नहीं है बल्कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें पुराने स्पर्म निकल जाते हैं और हेल्दी स्पर्म पैदा होते हैं।